कौल सिंह का यू टर्न: राजनीतिक रिटायरमेंट की बात से पलटे, हाईकमान कहेगी तो लड़ेंगे चुनाव
मंडी, 21 जुलाई (हि.स.)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ठाकुर कौल सिंह ने दो ही दिन में यू टर्न ले लिया है। राजनीति से रिटायरमेंट से पलट गए और कहा कि अगर हाई कमान और द्रंग के लोग कहेंगे तो विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। हाल ही में कौल सिंह ठाकुर ने हरियाणा के रोहतक में संत राम पाल के आश्रम में जाकर चुनावी राजनीति से सन्यास लेने का ऐलान कर दिया था। कौल सिंह ठाकुर आठ बार मंडी जिले के द्रंग विधानसभा क्षेत्र से विधायक, 4 बार कांग्रेस सरकार में मंत्री, एक बार विधानसभा अध्यक्ष व दो बार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं, अब दो दिन बाद ही अपनी बात से पलट गए। रविवार को ही उनका संत राम पाल के समक्ष दंडवत होकर यह ऐलान करने के विडियो सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा, अगले दिन अखबारों में सुर्खियां बनी, स्वयं उन्होंने मीडिया के साथ भी चुनाव की राजनीति से रिटायरमेंट की बात साझा की । मगर अगले ही दिन अपने विधानसभा क्षेत्र के कटौला में शाढ़नू मेले के अवसर पर अपने भाषण में उन्होंने इस पर यू टर्न ले लिया।
उन्होंने कहा कि वह संत राम पाल के आश्रम गए थे। वहां उन्होंने इस तरह की बात की थी मगर उन्होंने चुनाव न लड़ने की बात नहीं कही थी। यूं तो उन्होंने बहुत चुनाव लड़ लिए, आठ बार जीते, दो बार लगातार हारे हैं, अब उनकी चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं है, मगर यदि हाईकमान ने यह कहा कि आपको चुनाव लड़ना ही पड़ेगा तो वह चुनाव लड़ेंगे। लगातार दो बार हार की टीस पर उन्होंने अपने संबोधन में द्रंग के लोगों से कहा कि यदि आपने पिछले चुनाव में मुझे कुछ वोटों से नहीं हराया होता तो आज द्रंग में बहुत कुछ बदल जाता, दृश्य कुछ और ही होता। उन्होंने दोहराया कि मैं हर हालत में आपके साथ था, हूं और हमेशा रहूंगा।
कौल सिंह के पलटने वाला भाषण भी मंगलवार को पूरा दिन सोशल मीडिया पर वायरल होकर चर्चा में रहा। उधर, संत राम पाल के समक्ष जिस तरह से उन्होंने याचना की और दंडवत हुए, इसे लेकर भी सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना करने वालों की तादाद काफी ज्यादा रही है। कुछ भी हो प्रदेश कांग्रेस के यह वरिष्ठ नेता इन दिनों अलग-अलग कारणों से खूब चर्चा में हैं। इसे उनकी अपनी ही सरकार में उपेक्षा के साथ भी जोड़ कर देखा जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा