बेकाबू ट्राले ने एक के बाद एक रौंदे तीन वाहन, पांवटा-कालाअंब हाईवे पर मची अफरा-तफरी

 

नाहन, 01 सितंबर (हि.स.)। पांवटा साहिब-कालाअंब नेशनल हाईवे पर मंगलवार सुबह एक अनियंत्रित ट्राले ने एक के बाद एक तीन वाहनों को टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इन वाहनों में सवार लोगों को चोट नहीं आई, लेकिन टक्कर से छोटे वाहनों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। हादसे के बाद ट्राला चालक मौके पर नहीं रुका और वाहनों को टक्कर मारता हुआ आगे बढ़ता चला गया। बाद में क्षतिग्रस्त वाहनों के मालिकों ने सक्रियता दिखाते हुए ट्राले का पीछा किया और कुछ दूरी पर उसे पकड़ लिया।

हादसा सुबह करीब साढ़े 9 बजे के आसपास मोगीनंद क्षेत्र में फोनिक्स उद्योग के समीप पेश आया। बताया जा रहा है कि ट्राला पांवटा साहिब से कालाअंब की ओर आ रहा था, जबकि दूसरी दिशा से वाहन नाहन की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान ट्राले ने सामने से आ रहे वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में एक स्कॉर्पियो वाहन का टायर तक फट गया।

बड़ी बात ये है कि जिस स्थान पर यह हादसा हुआ है, वहां पहले भी अनियंत्रित ट्रालों के कारण दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। कई बार रेत बजरी से भरे ट्राले यहां उद्योग की दीवार के साथ पलट चुके हैं और पूर्व में यहां खड़ी बाइकें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके बावजूद इस संवेदनशील हिस्से में वाहनों की रफ्तार पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं और सड़क की मौजूदा स्थिति खतरे को और बढ़ा रही है।

हादसे की एक बड़ी वजह सड़क पर फैली निर्माण सामग्री को भी माना जा रहा है। घटनास्थल पर डंगे का निर्माण कार्य चल रहा है और इसके लिए रेत-बजरी के ढेर सड़क किनारे लगाए गए हैं। इससे हाईवे का यह हिस्सा काफी संकरा होकर सिंगल लेन जैसा हो गया है। ऐसे में सामने से वाहन आने पर दूसरे वाहन को रास्ता देने के लिए चालकों को रुकना पड़ता है। हैरानी की बात यह है कि ठेकेदार की ओर से निर्माण कार्य के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहन चालकों को सावधान करने के लिए पर्याप्त साइन बोर्ड तक नहीं लगाए गए हैं। इसके अलावा दोनों ओर ऐसे कामगार भी तैनात नहीं किए गए हैं, जो गुजरने वाले वाहनों को रफ्तार कम करने या सावधानी से निकलने के संकेत दे सकें। ऐसे में वाहनों की तेज रफ्तार और संकरी सड़क किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

इस हादसे के बाद एक बार फिर इस संवेदनशील प्वाइंट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर सामग्री रखने और यातायात को नियंत्रित करने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो और दुर्घटनाओं का खतरा कम किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर