दीवाली पर सिरमौर में पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों की धूम

 


नाहन, 08 नवंबर (हि.स.)। देश में दीपावली की धूम है और लोग घरों को सजाकर प्रकाश पर्व मना रहे हैं। वहीं सिरमौर जिला में दीवाली पर खास पारम्परिक पहाड़ी व्यंजनों की धूम है जिन्हें इस पर्व पर मनाना शुभ माना जाता है। आधुनिकता के इस दौर में आज भी लोग अपनी परम्पराओं को संजोय रखने का प्रयास कर रहे हैं चाहे गाँव हों या शहर।

दीवाली पर खास तौर पर असकली बनाई जाती है जोकि गेहूं और चावल के आटे से पत्थर के खास पात्र में चूल्हे पर बनाई जाती है। इसे देसी घी, शक्कर, माश की दाल के साथ खाया जाता है। शहरों में चूल्हा न होने के चलते स्टील पात्र में बनाया जा रहा है और प्राचीन परम्परा को निभाया जा रहा है।

नाहन निवासी मीना शर्मा ने बताया कि दीवाली पर विशेष पहाड़ी व्यंजन असकली बनाई जाती है। वो लोग स्टील पात्र में इसे बना कर अपनी परम्परा निभा रहे हैं। असकली को इस पर्व पर बनाना शुभ माना जाता है। पंजहाल निवासी रामा नंद ठाकुर ने बताया कि गांव में दीवाली पर अनेक पहाड़ी खाने बनाए जाते हैं और मेहमान, बहू बेटियों का स्वागत इस भोजन से किया जाता है। आज भी त्योहारों पर पारम्परिक व्यंजन बनाना हमारी संस्कृति का हिस्सा है।

उल्लेखनीय है कि सिरमौर में आज भी लोग अपनी पारम्परिक व्यंजनों की संस्कृति को संजोय हुए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर