बर्फ के बिना फीका पड़ा शिमला का पर्यटन सीजन, सिर्फ 20 फ़ीसदी होटल बुक
शिमला, 20 जनवरी (हि.स.)। हिल स्टेशन शिमला इस सर्दी में अब तक बर्फबारी के दीदार से महरूम है और इसका सीधा असर पर्यटन कारोबार पर साफ़ दिखने लगा है। इन दिनों शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान और मालरोड पर वह चहल-पहल नजर नहीं आ रही है। इसके लिए शिमला जाना जाता है। आमतौर पर जनवरी में बर्फ से ढकी वादियों की तस्वीरें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं, लेकिन इस बार शुष्क मौसम ने शिमला की पहचान कही जाने वाली बर्फबारी को अब तक रोक रखा है औऱ महज 20 फीसदी होटल ही बुक हैं। बाहरी राज्यों से पहुंच रहे अधिकतर सैलानी केवल बर्फ देखने की उम्मीद लेकर आ रहे हैं, लेकिन सूनी पहाड़ियों और बिना बर्फ के नज़ारों ने उन्हें निराश किया है।
पर्यटन से जुड़े कारोबारी बताते हैं कि जनवरी के पहले हफ्ते में, खासकर नववर्ष के दौरान शिमला के होटलों में ऑक्यूपेंसी 90 फ़ीसदी तक पहुंच गई थी। इसके बाद पिछले सप्ताह तक यह 70 फ़ीसदी के आसपास बनी रही, लेकिन मौजूदा हफ्ते में अचानक गिरावट दर्ज की गई है और अब शहर के होटलों में केवल 20 से 25 फ़ीसदी कमरे ही बुक हैं। होटल संचालकों का कहना है कि सर्दियों में शिमला का सबसे बड़ा आकर्षण बर्फबारी ही होती है और जब यह नहीं होती तो पर्यटकों की संख्या तेजी से घट जाती है।
लोअर बाजार के कारोबारी तरुण राणा ने बताया कि मौसम की बेरुखी ने बाजार की रौनक छीन ली है। उनके मुताबिक जनवरी में आमतौर पर ऊनी कपड़ों और स्थानीय उत्पादों की अच्छी बिक्री होती है, लेकिन इस बार दुकानों में ग्राहक कम हैं। टैक्सी ऑपरेटरों का भी यही कहना है कि बर्फ न पड़ने से ट्रिप्स कम हो गई हैं और कई वाहन दिनभर खड़े रहते हैं।
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रिंस कुकरेजा बताते हैं कि नए साल के बाद एक सप्ताह तक वीकेंड अच्छा रहा, लेकिन उसके बाद सैलानियों की संख्या लगातार घटती गई। उनका कहना है कि पूरे विंटर सीजन में अब तक शिमला में बर्फबारी नहीं होना असामान्य स्थिति है और इससे छोटे होटल, ढाबे, टैक्सी चालक और दुकानदार सभी प्रभावित हो रहे हैं।
वहीं, पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार शिमला की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा सर्दियों के पर्यटन पर निर्भर करता है। बर्फबारी न होने से न केवल होटल बुकिंग घटी है बल्कि एडवेंचर गतिविधियां और आसपास के स्नो प्वाइंट्स से जुड़ा कारोबार भी ठप पड़ा है। कई पर्यटक, जो बर्फ देखने आते हैं, निराश होकर शिमला में कम समय रुक रहे हैं या अपनी यात्रा रद्द कर रहे हैं।
हालांकि मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने पर्यटन कारोबार को थोड़ी उम्मीद दी है। विभाग के अनुसार 22 से 24 जनवरी के बीच पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से शिमला सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इस सर्दी का पहला हिमपात हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो कारोबारियों को उम्मीद है कि जनवरी के अंतिम सप्ताह और फरवरी में पर्यटकों की संख्या फिर से बढ़ सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा