हमीरपुर में अनुराग सिंह ठाकुर के नेतृत्व में निकली भव्य तिरंगा यात्रा
हमीरपुर, 14 अगस्त (हि.स.)। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को हमीरपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर के नेतृत्व में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। भोटा चौक से गांधी चौक तक निकली यात्रा में हजारों युवाओं और Gen-Z ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भारत माता की जय और “तिरंगे के सम्मान में, Gen-Z मैदान में” के नारों से पूरा शहर गूंज उठा।
यात्रा में भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर, विधायक इंद्रदत्त लखनपाल एवं आशीष शर्मा, पूर्व विधायक राजिंदर सिंह राणा, विजय अग्निहोत्री, कमलेश कुमारी और डॉ. अनिल धीमान सहित पार्टी पदाधिकारी व बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। बच्चों और युवाओं की भारी भागीदारी ने तिरंगे के प्रति नई पीढ़ी के जुड़ाव और राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रदर्शित किया।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा देश की स्वतंत्रता, एकता और गौरव का प्रतीक है। यह भारत की सांस्कृतिक विविधता में निहित एकता की याद दिलाता है और प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व एवं सम्मान का विषय है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चल रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने और अपने घरों पर तिरंगा फहराने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं और Gen-Z से तिरंगे के सम्मान को सर्वोच्च स्थान देने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का उल्लेख करते हुए ठाकुर ने विभाजन से प्रभावित परिवारों के साहस और संघर्ष को नमन किया। उन्होंने कहा कि लाखों लोग विस्थापित हुए और अनेक लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया, लेकिन पीड़ित परिवारों ने विपरीत परिस्थितियों में नई शुरुआत कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि देश को फिर कभी विभाजनकारी और अलगाववादी ताकतों को पनपने नहीं देना चाहिए तथा 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प पूरा करना चाहिए।
अनुराग ठाकुर ने कारगिल युद्ध के अमर शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके अदम्य साहस और मातृभूमि के प्रति समर्पण से आने वाली पीढ़ियां हमेशा प्रेरणा लेती रहेंगी।
मीडिया से बातचीत में अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों और महिलाओं के प्रति अशोभनीय भाषा स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में मर्यादा, सम्मान और गरिमा का पालन किया जाना चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / विशाल राणा