तीसरी बार राष्ट्रीय सम्मान, देशभर में धूमन स्कूल का 14वां स्थान, पर्यावरण संरक्षण में बनाई अलग पहचान
नाहन, 17 जून (हि.स.)। शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए राजगढ़ के राजकीय माध्यमिक विद्यालय धमून ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। विद्यालय को तीसरी बार “स्वच्छ एवं हरित विद्यालय पुरस्कार” से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा प्रदान किया जाता है।
विद्यालय ने देशभर के 191 चयनित विद्यालयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 14वां स्थान प्राप्त किया है, जो न केवल विद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र और प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है। यह उपलब्धि विद्यालय द्वारा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल प्रबंधन, हरित परिसर निर्माण, कचरा प्रबंधन और विद्यार्थियों में पर्यावरणीय जागरूकता विकसित करने के लिए किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
विद्यालय परिसर में स्वच्छ एवं हरित वातावरण बनाए रखने के लिए समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। विद्यार्थियों को वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाता है, जिससे उनमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हो रही है।
इस उपलब्धि के लिए विद्यालय को शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में आयोजित होने वाले समारोह में प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान विद्यालय की कार्यशैली, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाण है।
विद्यालय प्रभारी पायल तोमर ने इस सफलता का श्रेय विद्यालय के सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन समिति और स्थानीय समुदाय को दिया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग और समर्पण के कारण विद्यालय लगातार राष्ट्रीय स्तर पर नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी विद्यालय स्वच्छता और हरित पहल के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर