कारपेंटर पिता बेटी ने की टीजीटी मेडिकल परीक्षा पास

 


मंडी, 29 मार्च (हि.स.)। मंडी जिला के सराज विधानसभा क्षेत्र के गांव सरोआ की बेटी गीतांजली ने टीजीटी मेडिकल परीक्षा पास कर यह साबित कर दिया कि अगर हौसले मजबूत हों तो गरीबी भी रास्ता नहीं रोक सकती। 27 वर्षीय गीतांजली आज पूरे क्षेत्र के लिए मिसाल बन गई हैं। गीतांजली के पिता खेम सिंह एक साधारण कारपेंटर हैं, जो दिन-रात कड़ी मेहनत कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते रहे। सीमित आमदनी के बावजूद उन्होंने कभी अपनी बेटी की पढ़ाई में कमी नहीं आने दी। लकड़ी का काम करते-करते, पसीना बहाकर उन्होंने अपनी बेटी के सपनों को आकार दिया। उनकी मेहनत, त्याग और समर्पण ही आज इस सफलता की असली नींव है।

माता रूकमणी एक गृहिणी हैं, जिन्होंने हर कदम पर बेटी का हौसला बढ़ाया। गीतांजली ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सरोआ से प्राप्त की और आगे चलकर बीएससी की पढ़ाई राजकीय वल्लभ कॉलेज मंडी से पूरी की। घर की आर्थिक स्थिति साधारण होने के बावजूद गीतांजली ने कभी हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करती रहीं। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने टीजीटी मेडिकल परीक्षा पास कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया। गीतांजली का एक भाई भी है, जो ग्रेजुएशन के बाद आगे की पढ़ाई कर रहा है।

गीतांजली की यह सफलता सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो परिस्थितियों के आगे खुद को कमजोर समझ लेते हैं। यह कहानी बताती है कि एक कारपेंटर पिता के मजबूत इरादे और बेटी की लगन मिलकर किसी भी सपने को हकीकत बना सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा