राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने 32 शिक्षकों को राज्य पुरस्कार से नवाजा
शिमला, 05 सितंबर (हि.स.)। राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर शिमला स्थित लोक भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में 32 शिक्षकों को राज्य पुरस्कार प्रदान किए। इस मौके पर एक शिक्षक को वर्ष 2025 के राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने पुरस्कार पाने वाले सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी तीनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारी को संवेदनशीलता के साथ निभाना चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तकों का ज्ञान देना नहीं है। एक शिक्षक विद्यार्थियों में मूल्य, चरित्र और आत्मविश्वास विकसित करता है और उन्हें जीवन में सही दिशा देता है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश का भविष्य उसकी कक्षाओं में तैयार होता है और शिक्षक इस भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिक्षक दिवस के मौके पर राज्यपाल ने पूर्व राष्ट्रपति, शिक्षाविद और दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन का जीवन शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण और योगदान की प्रेरणा देता है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों के भविष्य का निर्माण नहीं करते, वे राष्ट्र के भविष्य को भी दिशा देते हैं।
कविंदर गुप्ता ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की सक्रिय और सार्थक भागीदारी जरूरी होगी। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और मूल्य आधारित शिक्षा की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मजबूत और विकसित भारत की नींव के रूप में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्राथमिकता दी है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा अब केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित नहीं रह गई है। इसमें ज्ञान, कौशल, रचनात्मकता, नवाचार, शोध और चरित्र निर्माण पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम श्री स्कूल, निपुण भारत, समग्र शिक्षा, डिजिटल शिक्षा और अटल टिंकरिंग लैब जैसी योजनाओं से विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच और 21वीं सदी के जरूरी कौशल विकसित करने के अवसर मिल रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों की मेहनत, समर्पण और प्रतिबद्धता पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि शिक्षक के लिए सबसे बड़ा सम्मान यह है कि उसके विद्यार्थी उसे जीवनभर याद रखें और आगे चलकर अपने परिवार, समाज और देश के लिए सार्थक योगदान दें। उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वे आने वाली पीढ़ियों के जीवन में ज्ञान और मूल्यों की रोशनी फैलाते रहेंगे।
इस अवसर पर राज्यपाल ने समारोह के लिए तैयार किया गया स्मारिका का विमोचन भी किया।
शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने पर सरकार का जोर : रोहित ठाकुर
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने राज्यपाल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनका जीवन और योगदान आज भी प्रेरणा देता है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और राज्य की साक्षरता दर 100 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक नियुक्तियां की गई हैं। उन्होंने बताया कि कक्षा पहली से अंग्रेजी भाषा की शुरुआत की जा रही है और स्थानीय भाषाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए विभाग में युक्तिकरण की प्रक्रिया अपनाई गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा