केंद्र की तर्ज पर हिमाचल में तय हो ज्वाइनिंग अवधि, ट्रांसफर के बाद दूरी अनुसार तय हो ज्वाइनिंग अवधि
हमीरपुर, 02 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में 30 किलोमीटर दूरी तक हुए तबादले के लिए 2 दिन, 100 किलोमीटर तक के तबादले के लिए 5 दिन और 100 किलोमीटर से अधिक दूरी पर सामान्य क्षेत्र में हुए तबादले के लिए 10 दिन और हार्ड एरिया में ज्वाइनिंग हेतु 12 दिन की अवधि तय की जाए।
यह मांग प्रदेश सरकार और कार्मिक विभाग को भेजे गए ज्ञापन में राजकीय टीजीटी कला संघ ने उठाई है। संघ के प्रदेश महासचिव विजय हीर ने कहा कि पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों, सिंगल लेन सड़कों, भूस्खलन, बर्फबारी तथा दूरस्थ क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं के अभाव को देखते हुए वर्ष 2023 में निर्धारित 1 से 5 दिन का ज्वाइनिंग टाइम व्यवहारिक नहीं है।
केंद्रीय सिविल सेवा (ज्वाइनिंग टाइम) नियम, 1979 के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों को स्थानांतरण पर दूरी के आधार पर 1 से 15 दिन तक का समय प्रदान किया जाता है। केंद्रीय नियमों में 1000 किलोमीटर दूरी तक 15 दिन ज्वाइनिंग टाइम तय है। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 2023 में किए गए संशोधन के अनुसार 30 किलोमीटर तक 1 दिन और 30 किलोमीटर से अधिक दूरी पर अधिकतम 5 दिन का ही ज्वाइनिंग टाइम निर्धारित है। कर्मचारियों को नई तैनाती स्थल तक पहुंचने के साथ-साथ पुराने स्टेशन पर चार्ज हैंडओवर, अभिलेख हस्तांतरण और पारिवारिक व्यवस्थाओं के लिए भी पर्याप्त समय मिलना चाहिए।
हिमाचल जैसे पूर्णतः पहाड़ी राज्य में स्थानांतरण के दौरान 100 से 700 किलोमीटर तक की दूरी दुर्गम और संकरी सड़कों से तय करनी पड़ती है, इसलिए यह समय अपर्याप्त है। प्रदेश के कई दुर्गम क्षेत्रों में आज भी सड़कें सिंगल लेन हैं, अनेक स्थानों तक सड़क पहुँचती भी नहीं और बरसात व बर्फबारी के कारण मार्ग अक्सर बंद रहते हैं। इसका उदाहरण अगस्त 2025 में हुए 642 टीजीटी से प्रवक्ता प्रमोशन सूची है जब शिक्षक सड़कें बंद होने के चलते ज्वाइन नहीं हो सके। एक दिन के भीतर ज्वाइन करने की शर्त के चलते चार्ज हैंडओवर, अभिलेख हस्तांतरण और लंबित कार्य निपटाने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। 5 दिन में ही यात्रा, आवास, परिवार के स्थानांतरण और बच्चों की पढ़ाई संबंधी कार्य पूरे करना कठिन हो जाता है। ऐसे में प्रदेश सरकार ज्वाइनिंग टाइम नियमों पर पुनर्विचार कर उन्हें दूरी-आधारित, व्यावहारिक तथा पहाड़ी परिस्थितियों के अनुरूप संशोधित करे, ताकि कर्मचारियों को अव्यावहारिक समय सीमा के कारण होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / विशाल राणा