बाल आश्रमों में पोषण वाटिका बनेगी, बच्चों को ताजा भोजन के साथ खेती की भी मिलेगी सीख

 


शिमला, 09 जुलाई (हि.स.)। राजधानी शिमला जिले के सभी बाल देखभाल संस्थानों (बाल आश्रमों) में अब पोषण वाटिका तैयार की जाएगी। इन वाटिकाओं में बच्चों के लिए पौष्टिक सब्जियां, फल और औषधीय पौधे उगाए जाएंगे। जिला प्रशासन का कहना है कि इससे बच्चों को ताजा और पौष्टिक भोजन मिलेगा। साथ ही उन्हें खेती और पर्यावरण संरक्षण की बुनियादी जानकारी भी मिलेगी।

यह फैसला जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति और मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना की समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता गुरुवार को उपायुक्त अनुपम कश्यप ने की। उन्होंने बताया कि पोषण वाटिका विकसित करने के लिए कृषि विभाग के आत्मा प्रोजेक्ट का सहयोग लिया जाएगा और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

बैठक में उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के दायरे में आने वाले हर पात्र बच्चे और युवा तक योजना का लाभ समय पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, स्वरोजगार, उच्च शिक्षा, विवाह सहायता और अन्य कल्याणकारी सुविधाएं पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने अधिकारियों को लाभार्थियों का अद्यतन रिकॉर्ड तैयार रखने और सभी मामलों का समय पर निपटारा करने के निर्देश दिए। जिन मामलों में अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय की जरूरत हो, उनका भी जल्द समाधान करने को कहा गया, जिससे किसी पात्र लाभार्थी को देरी का सामना न करना पड़े।

बैठक में बताया गया कि जिले के विभिन्न बाल देखभाल संस्थानों में इस समय 425 बच्चे रह रहे हैं। मिशन वात्सल्य के तहत अप्रैल 2025 से अब तक 14 बच्चों को दत्तक माता-पिता मिले हैं। वहीं फोस्टर केयर एंड स्पॉन्सरशिप योजना के तहत 90 बच्चों को आर्थिक सहायता दी गई है। इसी अवधि में 180 नए बच्चों का बाल देखभाल संस्थानों में प्रवेश हुआ है। 80 बच्चों और 56 अभिभावकों की काउंसलिंग भी की गई है।

मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत 25 लाभार्थियों के लिए घर बनाए जा रहे हैं, जिन पर करीब 49 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

बैठक में योजना के तहत स्वीकृत और लंबित मामलों की समीक्षा भी की गई। लाभार्थियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पुनर्वास और आर्थिक सहायता से जुड़े मामलों की प्रगति का भी आकलन किया गया।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना का उद्देश्य निराश्रित और जरूरतमंद बच्चों एवं युवाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से योजना के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता बरतने और हर पात्र लाभार्थी तक समय पर सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा