शिमला में छह दिन बाद खत्म हुई सफाई कर्मियों की हड़ताल, नगर निगम प्रशासन ने मानी मांगें

 


शिमला, 21 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पिछले छह दिनों से चल रही सफाई कर्मियों की हड़ताल आखिरकार वीरवार को खत्म हो गई। नगर निगम महापौर और सैहब सोसायटी के सफाई कर्मियों के बीच वीरवार को हुई लंबी बातचीत के बाद कई मांगों पर सहमति बनी। इसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल वापस लेने का ऐलान कर दिया। अब शुक्रवार से सभी सफाई कर्मचारी काम पर लौटेंगे और शहर की सफाई व्यवस्था फिर से पटरी पर आने की उम्मीद है।

एक सप्ताह से हड़ताल के कारण शिमला शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का काम लगभग ठप पड़ा हुआ था। मॉल रोड, रिज, लोअर बाजार, संजौली, लक्कड़ बाजार, छोटा शिमला और टूटीकंडी समेत कई इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए थे। जगह-जगह बदबू फैलने लगी थी और कूड़े के आसपास बंदरों और आवारा कुत्तों का जमावड़ा बढ़ गया था। पर्यटन सीजन के बीच शहर की बिगड़ी सफाई व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों परेशान थे।

करीब 800 सफाई कर्मचारी 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन बढ़ोतरी बहाल करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे। कर्मचारियों का कहना था कि उनकी वेतन वृद्धि रोक दी गई थी और करीब 12 हजार रुपये मासिक वेतन में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। इस बीच जिला प्रशासन ने सफाई व्यवस्था को जरूरी सेवा मानते हुए एस्मा लागू कर दिया था। इसके बावजूद कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो नगर निगम प्रशासन ने 41 सफाई कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी थीं, जिससे विवाद और बढ़ गया था।

हालांकि वीरवार को नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान और सैहब कर्मियों के प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में समाधान निकल आया। समझौते के तहत सफाई कर्मियों के वेतन में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की जाएगी। हड़ताल के दौरान बर्खास्त किए गए 41 कर्मचारियों की सेवाएं भी बहाल होंगी। इसके अलावा कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित 4-9-14 नीति के तहत 15 दिन के विशेष अवकाश देने पर भी सहमति बनी है।

महापौर सुरेंद्र चौहान ने कर्मचारियों को लिखित आश्वासन दिया है कि सहमति से तय मांगों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 4 जून को होने वाली बैठक में सैहब कर्मियों की अन्य मांगों को भी रखा जाएगा। उधर, सैहब सोसाइटी के अध्यक्ष जसवंत कहा ने कहा कि नगर निगम के साथ लगभग सभी मुद्दों पर सहमति बन गई है, इसलिए हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने शहरवासियों को हुई परेशानी के लिए खेद जताते हुए कहा कि सफाई व्यवस्था को जल्द सामान्य कर दिया जाएगा।

हड़ताल के दौरान मामला लगातार गरमाता जा रहा था। सीटू और कई अन्य संगठनों ने सफाई कर्मियों के समर्थन में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी थी। राजभवन मार्च, जेल भरो आंदोलन और चक्का जाम जैसे कार्यक्रमों की भी घोषणा की गई थी। लेकिन अब समझौता होने के बाद टकराव फिलहाल टल गया है और शहर को बड़ी राहत मिली है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा