हिमाचल में क्रस्ना लैब कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, 86 केंद्रों पर जांच सेवाएं बहाल

 

शिमला, 04 नवंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में क्रस्ना डायग्नोस्टिक्स के कर्मचारियों की दो दिन से जारी हड़ताल बुधवार को समाप्त हो गई। सरकार की ओर से लंबित भुगतान जल्द करने का आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारियों ने काम पर लौटने का निर्णय लिया। इसके साथ ही प्रदेशभर में क्रस्ना लैब के केंद्रों पर मुफ्त जांच की सुविधा फिर से शुरू हो गई है। इससे सरकारी अस्पतालों में इलाज करवा रहे मरीजों को राहत मिली है।

क्रस्ना डायग्नोस्टिक्स के कर्मचारियों ने वेतन नहीं मिलने और कंपनी का सरकार के पास करोड़ों रुपये का भुगतान लंबित होने के विरोध में सोमवार और मंगलवार को काम बंद रखा था। इसके चलते प्रदेश के 86 केंद्रों पर लैब जांच सेवाएं प्रभावित हुई थीं। आईजीएमसी शिमला सहित प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों और विभिन्न सरकारी अस्पतालों में मरीजों को जांच करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मरीजों को निजी लैब में अधिक कीमत देकर टेस्ट करवाने पड़े।

जानकारी के अनुसार क्रस्ना डायग्नोस्टिक्स का प्रदेश सरकार के पास 110 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान लंबित है। कंपनी को समय पर भुगतान नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों को पिछले दो से तीन महीनों से वेतन नहीं मिल पा रहा था। अकेले आईजीएमसी शिमला में ही क्रस्ना लैब की हर महीने करीब डेढ़ करोड़ रुपये की पेमेंट बनती है।

स्वास्थ्य विभाग और सरकार की ओर से कर्मचारियों को लंबित बिलों का जल्द भुगतान करने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने का निर्णय लिया। बुधवार से प्रदेशभर में जांच सेवाएं दोबारा शुरू होने के बाद सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निशुल्क लैब टेस्ट की सुविधा मिलने लगी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा