हिमाचल में 28 से 30 सितंबर तक बैंक कर्मियों की हड़ताल, सेवाएं होंगी प्रभावित
शिमला, 25 सितंबर (हि.स.)। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने और नई प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) वापस लेने की मांग को लेकर बैंक कर्मचारी और अधिकारी 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) की हिमाचल प्रदेश इकाई ने शुक्रवार को शिमला में पत्रकार वार्ता कर हड़ताल की जानकारी दी।
यूएफबीयू हिमाचल के संयोजक नरेंद्र शर्मा ने कहा कि हड़ताल में हिमाचल के सात बैंक कर्मचारी संगठन भी शामिल होंगे। हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। शिमला में बैंक कर्मचारी और अधिकारी तीनों दिन उपायुक्त कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण धरना देंगे।
पांच दिन बैंक खोलने की मांग, वर्ष 2015 से चल रही है मांग
नरेंद्र शर्मा ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांग है। उनके अनुसार रिजर्व बैंक, शेयर बाजार, केंद्र सरकार के विभाग सप्ताह में पांच दिन काम करते हैं। बैंकिंग क्षेत्र में भी शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश देने की मांग वर्ष 2015 से उठाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि 2024 में छह महीने के भीतर इसे लागू करने की बात कही गई थी, लेकिन करीब 30 महीने बीतने के बाद भी इस संबंध में कोई निर्णय नहीं हुआ।
शर्मा ने कहा कि बैंक कर्मचारी ग्राहकों को होने वाली परेशानी को समझते हैं और इसके लिए रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बैंकों में बड़ी संख्या में युवा कर्मचारी काम कर रहे हैं और काम के तय समय के बाद भी उन्हें कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। उन्होंने कर्मचारियों के बार-बार तबादलों और स्टाफ की कमी का मुद्दा भी संगठन ने उठाया। उनके अनुसार कई शाखाओं में चपरासी, सुरक्षा गार्ड और कैशियर सहित कर्मचारियों की कमी है।
पीएलआई योजना वापस लेने और भर्ती बढ़ाने की मांग
यूएफबीयू ने नई प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) वापस लेने की भी मांग की है। संगठन के नेताओं का कहना है कि यह योजना वित्तीय सेवा विभाग की ओर से एकतरफा लागू की गई है और इसमें कर्मचारियों के बीच अंतर पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने बैंकों के मुनाफे में योगदान दिया है, इसलिए प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था सभी के लिए समान होनी चाहिए। संगठन का कहना है कि पीएलआई के बजाय बैंकों में खाली पदों को भरने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारी से लेकर वर्कमैन स्तर तक कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाया। यूएफबीयू के हिमाचल प्रतिनिधियों ने कहा कि भारतीय बैंक संघ के साथ मांगों को लेकर बातचीत चलती रही है, लेकिन ढाई साल से अधिक समय बीतने के बाद भी लंबित मुद्दों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई। पत्रकार वार्ता में विभिन्न बैंक अधिकारी और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
मांगें नहीं मानी गईं तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर विचार
यूएफबीयू हिमाचल के नेताओं ने कहा कि सितंबर की तीन दिवसीय हड़ताल के बाद भी मांगों पर सार्थक बातचीत नहीं हुई तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया जा सकता है। नरेंद्र शर्मा ने कहा कि संगठन सरकार से बातचीत और लंबित मांगों के समाधान की अपेक्षा कर रहा है।
उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों का आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा। संगठन ने 28 से 30 सितंबर के दौरान ग्राहकों से संभव होने पर ऑनलाइन और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करने की अपील की है। पत्रकार वार्ता में यूएफबीयू से जुड़े विभिन्न बैंक अधिकारी और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि हड़ताल का उद्देश्य ग्राहकों को परेशानी में डालना नहीं है और सरकार से बातचीत के माध्यम से लंबित मांगों का समाधान करने की मांग की गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा