रोजी-रोटी के संकट से जूझ रहे तहबाजारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

 

शिमला, 14 अक्टूबर (हि.स.)। शिमला के लोअर बाजार से हटाए गए तहबाजारियों और नगर निगम के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। चार महीने से रोजगार प्रभावित होने का हवाला देते हुए तहबाजारियों ने अब सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है। बुधवार को तहबाजारी नगर निगम के उपमहापौर के कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्याएं रखीं। हालांकि, अदालत के आदेशों का हवाला दिए जाने के बाद बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। तहबाजारी यूनियन ने चेतावनी दी है कि उनकी रोजी-रोटी का संकट दूर नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरेंगे और मंत्रियों व विधायकों के कार्यक्रमों में काले झंडे दिखाकर विरोध करेंगे। दूसरी ओर महापौर सुरेंद्र चौहान का कहना है कि तहबाजारियों के पुनर्वास के लिए नए विकल्प तलाशे जा रहे हैं और नगर निगम नियमों के तहत ही कार्रवाई करेगा।

अदालत के आदेशों के बाद नगर निगम ने लोअर बाजार से तहबाजारियों को हटाया था। इसके बाद से प्रभावित लोगों की आजीविका का मुद्दा लगातार बना हुआ है। बुधवार को तहबाजारी अपनी मांगें लेकर उपमहापौर कार्यालय पहुंचे और काफी देर तक अपनी समस्याएं रखीं। बैठक के दौरान तहबाजारियों ने नगर निगम के कर्मचारियों पर गोदामों में रखा सामान उठाने के आरोप लगाए। इन आरोपों के बीच नगर निगम के कर्मचारी बैठक छोड़कर चले गए।

यूनियन अध्यक्ष बोले, चार महीने से कामकाज ठप

तहबाजारी यूनियन के अध्यक्ष पवन ने कहा कि पिछले चार महीनों से तहबाजारी परेशान हैं और उनके रोजगार पर संकट बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय जिस सरकार का उन्होंने समर्थन किया था, वही अब उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। उनके अनुसार, रोजगार प्रभावित होने से तहबाजारियों और उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

पवन ने नगर निगम की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि बाजार में कार्रवाई करने पहुंचने वाले कर्मचारी दुकानों और गोदामों में रखा सामान उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि काम करने वाले लड़कों का सामान रास्ते में छीना जा रहा है। पवन ने नगर निगम आयुक्त के रवैये को तानाशाहीपूर्ण बताते हुए कहा कि वे लोगों की समस्याएं सुनने को तैयार नहीं हैं।

यूनियन अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक के हस्तक्षेप के बावजूद लोगों पर पांच हजार से दस हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो तहबाजारी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे। इसके साथ ही मंत्रियों और विधायकों के कार्यक्रमों में काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

महापौर बोले, पुनर्वास के लिए नए स्थानों की तलाश

महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि तहबाजारियों और वेंडर्स की समस्याओं के समाधान तथा उनके पुनर्वास के लिए पिछले दिनों छह सदस्यीय मॉनिटरिंग कमेटी गठित की गई थी। वह स्वयं इस कमेटी के कामकाज की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम के कर्मचारी तहबाजारियों से संबंधित कार्रवाई तय नियमों और प्रावधानों के अनुसार ही करते हैं।

महापौर के अनुसार तहबाजारी यूनियन के पुनर्वास और उनकी आजीविका से जुड़े मुद्दों पर कई महत्वपूर्ण स्थानों पर चर्चा की गई है। नगर निगम तहबाजारियों और वेंडर्स के लिए नए स्थानों और अन्य संभावनाओं की तलाश कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन उनकी आजीविका से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है, लेकिन नियमों से हटकर काम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा