युवा शक्ति का संरक्षण और पंच परिवर्तन का संकल्प, नशे के विरुद्ध समाज की एकजुटता का आह्वान
मंडी, 10 मई (हि.स.)। सरदार पटेल यूनिवर्सिटी के सभागार हॉल में प्रबुद्ध जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय सह कार्यवाह आलोक कुमार ने इस बात पर विशेष बल दिया कि नशे का यह मकड़जाल हमारी युवा पीढ़ी को भीतर से खोखला कर रहा है। इसे जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा।
उन्होंने अभिभावकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि बच्चों को इस दलदल से बचाने का सबसे प्रभावी तरीका उनके साथ भावनात्मक जुड़ाव है। यदि माता-पिता अपने बच्चों की भावनाओं और उनकी मानसिक स्थिति को समझने में सफल रहते हैं, तो कोई भी युवा दिशाभ्रमित होकर नशे के जाल में नहीं फंसेगा। बल्कि वह राष्ट्र निर्माण और देश की प्रगति में अपना बहुमूल्य योगदान सुनिश्चित करेगा।
आलोक कुमार ने संघ के ऐतिहासिक सफर और भविष्य के लक्ष्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने 101वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है । शताब्दी वर्ष के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर पंच परिवर्तन के मिशन के माध्यम से राष्ट्र के पुनर्निर्माण में जुटा है। इन पंच परिवर्तनों में स्वदेशी की भावना को जागृत करना, सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करना, कुटुंब प्रबोधन के जरिए पारिवारिक मूल्यों को बचाना, प्रत्येक व्यक्ति को नागरिक कर्तव्यों का बोध कराना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजगता बढ़ाना शामिल है।
उन्होंने संघ की स्थापना के उद्देश्यों का स्मरण कराते हुए कहा कि नागपुर में लगी पहली शाखा का संकल्प देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराना था। जबकि आजादी के उपरांत जब देश विभाजन की त्रासदी और विस्थापन का दंश झेल रहा था, तब संघ के स्वयंसेवकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लाखों पीड़ितों की सेवा, उनके पुनर्वास और भोजन-आश्रय की व्यवस्था करने का दायित्व निभाया। संघ की यही सेवाभावी परंपरा आज भी अडिग है, जिसके कारण देश पर आने वाली हर विपत्ति और आपदा के समय स्वयंसेवक अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर मानवता की सेवा करते हैं। अब संघ ने देश के 12 करोड़ परिवारों तक सीधी पहुंच बनाकर एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प लिया है, जिसमें कुटुंब प्रबोधन को अत्यधिक महत्व दिया गया है क्योंकि आधुनिकता की अंधी दौड़ में संयुक्त परिवारों का टूटना और मानवीय रिश्तों का क्षरण होना देशहित में नहीं है।
हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा