एसपीयू मंडी के विद्यार्थियों ने किया आईआईआरएस व एफआरआई का दौरा- बटोरे शैक्षिक अनुभव

 


मंडी, 10 अप्रैल (हि.स.)। सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में एमएससी बॉटनी के दस विद्यार्थियों का एक दल बीते दिनों शैक्षणिक भ्रमण के लिए देहरादून एवं हरिद्वार के प्रमुख राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों के दौरे पर था। इसी संदर्भ में इस समूह ने भारतीय रिमोट सेंसिंग संस्थान देहरादून, वन अनुसंधान संस्थान देहरादून और पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन हरिद्वार का अवलोकन किया।

इस भ्रमण का उद्देश्य जैव विविधता के प्रलेखन एवं संरक्षण की समकालीन प्रविधियों के बारे में विस्तार पूर्वक जानना, एवम् विषय विशेषज्ञों के साथ संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों के अकादमिक व अनुसंधानपरक दृष्टिकोण का विस्तार करना था। छात्रों को इन संस्थानों में मौजूद विभिन्न उन्नत सुविधाओं, प्रयोगशालाओं, संग्रहालयों, हेर्बेरियम और बॉटनिकल गार्डन को देखने का अवसर मिला।

आईआईआरएस में उन्होंने रिमोट सेंसिंग प्रौद्योगिकियों, भू-स्थानिक अनुप्रयोगों और पर्यावरण निगरानी एवं आपदा प्रबंधन में उनकी भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। वहीँ एफआरआई में वानिकी अनुसंधान पद्धतियों, जैव विविधता संरक्षण प्रयासों और समृद्ध वन संसाधनों को प्रदर्शित करने वाली संग्रहालय प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन में विद्यार्थियों ने पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के अध्ययन और अनुप्रयोग के लिए समर्पित विभिन्न सुविधाओं को देखा। उन्हें आयुर्वेद और प्राकृतिक विज्ञान में भारत की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करने वाले विभिन्न संग्रहालयों के साथ-साथ प्राचीन साहित्य, दवा खोज प्रक्रियाओं और हर्बल उद्यान का अवलोकन करने का अवसर मिला।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर ललित कुमार अवस्थी ने शैक्षिक दौरे के सफल समापन पर समूह को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि वनस्पति विज्ञान के अध्ययन में शैक्षणिक भ्रमण का गहन महत्व है। इस तरह के दौरे पौधों की विविधता और पारिस्थितिकी पर छात्रों की समझ बढ़ाने के लिए व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं। साथ ही जैव विविधता पर मंडरा रहे खतरों और उनके संरक्षण के बारे में अपनी समझ बढ़ाने में सहयोग करते हैं।

बॉटनी विभाग के अध्यक्ष डॉ लखबीर सिंह ने कहा की छात्र-छात्राओं को रिमोट सेंसिंग, जीआईएस, पर्यावरण विज्ञान, वानिकी और आयुर्वेद के क्षेत्रों में विभिन्न अकादमिक् व अनुसंधान कॅरिअर अवसरों तथा भविष्य की संभावनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक जानने का अवसर मिला।

इस शैक्षणिक दल का नेतृत्व डॉ. जगदीप वर्मा ने किया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा