विशेष बच्चों को हिमाचल विधानसभा से मिला नया अनुभव, एक्सपोजर विजिट पर रवाना

 


शिमला, 16 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शुक्रवार का दिन खास रहा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिसर से 96 विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को एक्सपोजर विजिट पर रवाना किया। यह बच्चे पहली बार विधानसभा पहुंचे, जहां उन्होंने सदन को करीब से देखा और उसकी कार्यप्रणाली को समझा। कई बच्चों के लिए यह अनुभव भावनात्मक और यादगार रहा।

विधानसभा सदन में बच्चों को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि ये बच्चे देश का भविष्य हैं और सरकार का दायित्व है कि उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर दिए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले इन बच्चों के लिए यह दिन जीवन भर याद रहने वाला है। बच्चों ने विधायक की कुर्सियों पर बैठकर सदन की कार्यवाही को देखा और लोकतंत्र के कामकाज को समझने की कोशिश की।

रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा और सशक्तिकरण को लेकर गंभीर है। इसके लिए स्कूलों में स्पेशल एजुकेटर तैनात किए गए हैं और आने वाले समय में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई में नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि सीखने की प्रक्रिया आसान और प्रभावी बन सके।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा लोकतांत्रिक मूल्यों का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां प्रदेश के विकास और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है। ऐसे में बच्चों को विधानसभा की कार्यप्रणाली से परिचित कराना जरूरी है, ताकि वे लोकतंत्र को समझ सकें और भविष्य में जागरूक नागरिक बन सकें। उन्होंने कहा कि आगे भी इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किए जाएंगे।

समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने बताया कि यह एक्सपोजर विजिट बच्चों को नई जगहों और अनुभवों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। इस भ्रमण कार्यक्रम के तहत बच्चे चंडीगढ़, अमृतसर और वाघा बॉर्डर जाएंगे। वाघा बॉर्डर पर होने वाली रिट्रीट सेरेमनी बच्चों के लिए एक खास आकर्षण होगी। उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा कार्यक्रम के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

राजेश शर्मा ने यह भी बताया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि बच्चे आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकें। स्पेशल एजुकेटर्स को भी नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे बच्चों की पढ़ाई में आ रही कठिनाइयों को कम किया जा सके।

इस मौके पर विधानसभा के उप सचिव जितेंद्र सिंह कंवर ने बच्चों को हिमाचल प्रदेश विधानसभा का इतिहास और कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। बच्चों ने उत्साह के साथ सवाल पूछे और सदन के कामकाज को समझा।

कार्यक्रम के बाद 156 सदस्यों का दल शिमला से रवाना हुआ। इसमें 96 विशेष आवश्यकता वाले बच्चे, स्पेशल एजुकेटर, समावेशी शिक्षा अधिकारी और अन्य सहयोगी शामिल हैं। बच्चे पहले चंडीगढ़ पहुंचेंगे, जहां वे छतबीड़ जू का भ्रमण करेंगे। इसके बाद वे अमृतसर जाएंगे और वाघा बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी देखेंगे। 18 जनवरी को स्वर्ण मंदिर के दर्शन के बाद बच्चे अपने अनुभवों के साथ शिमला लौटेंगे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा