शिमला की 441 पंचायतों में चिट्टे के खिलाफ विशेष अभियान चलाएगा प्रशासन
शिमला, 18 जून (हि.स.)। शिमला जिले में नशे, खासकर चिट्टे (हेरोइन) के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने अब इसे मिशन मोड में लेने का फैसला किया है। जिला प्रशासन आने वाले दिनों में जिले की सभी 441 पंचायतों में विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाएगा, जिसके माध्यम से नशे के खिलाफ संदेश हर गांव और हर घर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने वीरवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित बैठक में बताया कि यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि इसमें पंचायत प्रतिनिधियों, महिला मंडलों, युवक मंडलों, स्वयं सहायता समूहों, शिक्षण संस्थानों और विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि चिट्टा आज केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुका है। ऐसे में इसके खिलाफ लड़ाई प्रशासन अकेले नहीं लड़ सकता। समाज के हर वर्ग को इसमें भागीदार बनाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से पंचायत स्तर पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी जाएगी और उन्हें खेल, शिक्षा तथा अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
प्रशासन के अनुसार पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जनप्रतिनिधियों के साथ गांव-गांव जाकर लोगों को नशे के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगे। अभियान के दौरान शपथ ग्रहण समारोह, जागरूकता रैलियां, खेल प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक और संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि जिला पुलिस नशा तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। हिमाचल प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट ड्रग्स नीति के तहत वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत 159 मामले दर्ज किए गए हैं और 337 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें बैकवर्ड लिंकेज के जरिए 50 प्रमुख तस्करों और सरगनाओं तक पहुंच बनाई गई है।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान 38 अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्कों को भी ध्वस्त किया गया है। पुलिस ने इस वर्ष 2.275 किलोग्राम चिट्टा, 14.633 किलोग्राम चरस, 12.432 किलोग्राम अफीम, 483 ग्राम पोस्त भूसी, 7,533 अफीम के पौधे, 275 नशीली गोलियां, 58.54 ग्राम क्रिस्टल मेथ और 11.570 ग्राम एलएसडी बरामद की है। इसके अलावा नशा तस्करी से अर्जित 14.21 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस अब केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके आर्थिक नेटवर्क पर भी चोट कर रही है। एसएसपी ने बताया कि वित्तीय जांच के तहत अब तक 1.13 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध संपत्तियां फ्रीज की जा चुकी हैं। वहीं पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत 42 आदतन नशा तस्करों को गिरफ्तार कर तीन महीने की निरोधात्मक हिरासत में भेजा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा