नॉर्वे में भारतीय दूतावास प्रमुख से मिले स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया, हिमाचल के पर्यटन पर की चर्चा

 


शिमला, 01 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां अपने विदेश दौरे के समापन से पहले नॉर्वे की राजधानी ओस्लो स्थित भारतीय दूतावास पहुंचे। उन्होंने दूतावास की प्रमुख और 2013 बैच की आईएफएस अधिकारी अनन्या अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान भारत और नॉर्वे के बीच संबंधों के साथ हिमाचल प्रदेश के लिए सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

दूतावास प्रमुख अनन्या अग्रवाल ने पठानियां का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। बैठक में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक, सामाजिक और आर्थिक संबंधों सहित आपसी सहयोग से जुड़े विषयों पर बातचीत हुई। भारत और नॉर्वे के बीच बढ़ती मित्रता तथा हिमाचल प्रदेश के साथ सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर भी चर्चा की गई। इनमें शिक्षा, पर्यटन, हरित ऊर्जा, सतत विकास और संसदीय कार्यप्रणाली के आदान-प्रदान जैसे विषय शामिल रहे।

पठानिया ने दूतावास प्रमुख को गर्मजोशी से किए गए स्वागत के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने भारत-नॉर्वे संबंधों को मजबूत करने और नॉर्वे में भारतीय समुदाय के सहयोग के लिए दूतावास के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अनन्या अग्रवाल को हिमाचल प्रदेश आने का निमंत्रण भी दिया। बातचीत के दौरान हिमाचली टोपी, शॉल और प्रदेश के अन्य उत्पादों का भी उल्लेख हुआ। पठानिया ने हिमाचल में पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं की जानकारी दी और प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को विदेशों में बढ़ावा देने के लिए दूतावास के माध्यम से प्रचार-प्रसार का आग्रह किया।

पठानिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने दूतावास के अधिकारियों के साथ इस क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उनका कहना था कि हिमाचल के पर्यटन स्थलों और यहां की सांस्कृतिक विरासत की जानकारी विदेशों तक पहुंचने से प्रदेश के पर्यटन को नए अवसर मिल सकते हैं।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने कहा कि गांधी आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, ज्ञान और नैतिक मूल्य आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक हैं। इसी कारण संयुक्त राष्ट्र ने गांधी जयंती को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मान्यता दी है।

पठानिया ने कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बीच महात्मा गांधी की शिक्षाएं यह संदेश देती हैं कि वास्तविक शक्ति नैतिक सत्य और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में निहित है। उन्होंने कहा कि गांधी का जीवन सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों का उदाहरण रहा है और उनके विचार आज भी वैश्विक शांति तथा मानवीय गरिमा के लिए मार्गदर्शन करते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा