सोलन का 200 बिस्तरों वाला क्षेत्रीय अस्पताल दो साल की देरी का शिकार, भाजपा ने सरकार पर साधा निशाना

 


सोलन, 28 जुलाई (हि.स.)। सोलन के कथेड़ स्थित शिमला बाईपास मार्ग पर निर्माणाधीन 200 बिस्तरों वाले आधुनिक क्षेत्रीय अस्पताल का निर्माण कार्य तय समय-सीमा बीत जाने के बावजूद पूरा नहीं हो सका है। इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी के सोलन शहरी मंडल ने प्रदेश सरकार पर विकास कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाया है।

भाजपा सोलन शहरी मंडल के अध्यक्ष शैलेन्द्र गुप्ता ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि अस्पताल का निर्माण मार्च 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। बाद में सरकार ने इसकी नई समय-सीमा अप्रैल 2026 निर्धारित की, लेकिन वह भी समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद अस्पताल का निर्माण कार्य अभी तक अधूरा है और परियोजना में अपेक्षित गति देखने को नहीं मिली।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सहजल ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास किया था। प्रारंभिक रूप से इसकी अनुमानित लागत 90 करोड़ 30 लाख रुपये तय की गई थी, लेकिन निर्माण में लगातार हो रही देरी के कारण अब इसकी लागत में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की आशंका है।

शैलेन्द्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से केवल निरीक्षण और फोटो सेशन कर जनता को आश्वासन दिए गए, जबकि धरातल पर निर्माण कार्य की रफ्तार नहीं बढ़ी। उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने विकास कार्यों को प्राथमिकता दी होती, तो आज अस्पताल का निर्माण समय पर पूरा हो चुका होता।

उन्होंने सोलन–सपाटू मार्ग का मुद्दा उठाते हुए कहा कि फरवरी में निरीक्षण और घोषणाओं के बावजूद सड़क सुधार के लिए अब तक कोई ठोस बजट प्रावधान नहीं किया गया है। इसके चलते क्षेत्र की जनता आज भी खराब सड़क पर सफर करने को मजबूर है।

भाजपा सोलन शहरी मंडल ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि निर्माणाधीन 200 बिस्तरों वाले क्षेत्रीय अस्पताल का कार्य युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / संदीप शर्मा