सालों से कार्यरत 761 एसएमसी प्रवक्ताओं के लिए स्थायी नीति बनाने की तैयारी
शिमला, 10 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 12 से 13 वर्षों से सेवाएं दे रहे 761 एसएमसी प्रवक्ताओं के लिए स्थायी सेवा नीति बनने की उम्मीद जगी है। प्रदेश सरकार ने इन शिक्षकों के लिए सीमित सीधी भर्ती (एलडीआर) के तहत नीति बनाने की पहल की है। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने इस कदम का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर का आभार जताया है।
संघ के राज्य अध्यक्ष अजय नेगी ने कहा कि एसएमसी प्रवक्ता लंबे समय से ग्रामीण, दुर्गम और दूरदराज के स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उनके भविष्य और सेवा सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इन शिक्षकों के लिए स्थायी सेवा नीति बनाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। संघ चाहता था कि एसएमसी प्रवक्ताओं को भी टीजीटी और सीएंडवी शिक्षकों की तर्ज पर सीमित सीधी भर्ती के माध्यम से अवसर देने के लिए नीति बनाई जाए।
अजय नेगी ने कहा कि सरकार की ओर से इस दिशा में पहल करना वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के हित में सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि एसएमसी प्रवक्ता कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं। ऐसे में उनकी सेवाओं से जुड़े मामलों का समाधान किया जाना जरूरी है।
संघ अध्यक्ष ने सरकार से शिक्षकों से संबंधित अन्य 10 सूत्रीय मांगों पर भी जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि संगठन ने मुख्यमंत्री के समक्ष ये मांगें रखी हैं। सरकार इन पर गंभीरता से विचार कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करे।
उन्होंने उम्मीद जताई कि लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय से प्रदेश के शिक्षकों को राहत मिलेगी। संघ ने कहा कि वह शिक्षक हितों, अधिकारों और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर सरकार के साथ संवाद जारी रखेगा।
अजय नेगी के अनुसार, एसएमसी प्रवक्ताओं के लिए नीति बनाने का मामला कई बार सरकार के समक्ष उठाया गया है।
संगठन ने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के सामने भी यह मांग रखी। इसके अलावा 2 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के रोहड़ू दौरे के दौरान भी इस विषय को प्रमुखता से उठाया गया था। संघ स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली के समक्ष भी यह मामला उठाता रहा है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा