बिजली बोर्ड कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने के निर्देश

 

शिमला, 24 फ़रवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (एचपीएसईबीएल) ने अपने कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने और बदलने का काम प्राथमिकता के आधार पर करने का फैसला लिया है। इस संबंध में कांगड़ा जोन के मुख्य अभियंता (ऑपरेशन) इंजीनियर अजय गौतम ने आदेश जारी किए हैं और सभी सहायक अभियंताओं (इलेक्ट्रिकल) को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।

आदेश में बताया गया है कि इस कदम का मकसद आम लोगों में स्मार्ट मीटर परियोजना के प्रति भरोसा बढ़ाना है। बोर्ड चाहता है कि जब विभाग के अपने कर्मचारी और पेंशनभोगी अपने घरों में स्मार्ट मीटर लगवाएंगे तो जनता में यह संदेश जाएगा कि यह व्यवस्था पारदर्शी और भरोसेमंद है।

मुख्य अभियंता ने निर्देश दिए हैं कि कांगड़ा जोन के तहत आने वाले सभी सहायक अभियंता अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यरत और सेवानिवृत्त एचपीएसईबीएल कर्मचारियों की सूची तैयार करके कार्यालय को भेजें। इसके बाद इन कर्मचारियों के घरों में प्राथमिकता के आधार पर स्मार्ट मीटर लगाए या बदले जाएंगे। आदेश में यह भी साफ किया गया है कि अगर किसी कर्मचारी या सेवानिवृत्त कर्मचारी के घर में लगा बिजली मीटर उसके नाम पर नहीं है, लेकिन वह उसी मकान में रह रहा है, तो ऐसे मामलों में भी मीटर को प्राथमिकता से बदला जाएगा।

बोर्ड ने इस पूरी प्रक्रिया को तय समय के भीतर पूरा करने को कहा है और हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट मुख्य अभियंता कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों से सहयोग की अपील की गई है कि वे लोगों को समझाएं कि स्मार्ट मीटरिंग परियोजना केवल तकनीकी सुधार के लिए है। इसका उद्देश्य बिलिंग व्यवस्था को बेहतर बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का निजीकरण से कोई संबंध नहीं है।

बता दें कि प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर उठ रहे सवालों के बीच विपक्षी भाजपा लगातार राज्य सरकार पर निशाना साध रही है और परियोजना की प्रक्रिया व पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा