कांग्रेस सरकार की नीतियों से उद्योग और शिक्षा व्यवस्था हुई प्रभावित : सिकंदर कुमार

 


शिमला, 17 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद और प्रदेश महामंत्री डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार की नीतियों के कारण औद्योगिक विकास और शिक्षा व्यवस्था दोनों प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के बजाय घोषणाओं और प्रचार पर अधिक ध्यान दे रही है तथा उद्योगों और शिक्षा क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही है।

डॉ. सिकंदर कुमार शुक्रवार को शिमला के समरहिल में आयोजित एक पेड़ मां के नाम अभियान में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर भाजपा ने प्रदेश के प्रत्येक बूथ पर 25 पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। उनके अनुसार प्रदेश के करीब 8,000 बूथों पर दो लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों की भागीदारी बढ़ाना है।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. सिकंदर कुमार ने प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाल के समय में विभिन्न समाचार रिपोर्टों में सरकार की नीतियों की कमियां सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बल्क ड्रग पार्क से जुड़े उद्योगों को तीन रुपये प्रति यूनिट बिजली उपलब्ध कराने की बात कर रही है, लेकिन केवल ऐसी घोषणाओं से उद्योग स्थापित नहीं होंगे। उनका कहना था कि निवेशकों को स्थिर औद्योगिक नीति, भरोसेमंद बिजली आपूर्ति, अच्छी सड़कें और पारदर्शी प्रशासन चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन क्षेत्रों में अपेक्षित सुधार नहीं होने के कारण निवेश का माहौल कमजोर हुआ है और उद्योगों का विस्तार प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार की आलोचना की। डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कई प्राथमिक विद्यालयों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं के संचालन के लिए शिक्षक अपनी जेब से हर महीने करीब 2,500 से 3,000 रुपये खर्च कर अस्थायी शिक्षक रखने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारियों के साथ सरकार का दायित्व भी उठाना पड़े तो यह शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर स्थिति है।

भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के पास उद्योग, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में स्पष्ट योजना दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं के अभाव में इन क्षेत्रों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। उनका कहना था कि सरकार को घोषणाओं के बजाय जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है।

डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि एक पेड़ मां के नाम अभियान इसी सोच का हिस्सा है, जो लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा