श्रीकांत शर्मा ने सुक्खू सरकार को घेरा, राजनीतिक नियुक्तियों पर खर्च का हिसाब मांगा
शिमला, 21 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी एवं मथुरा के विधायक श्रीकांत शर्मा ने किन्नौर जिले के सांगला, कल्पा और मूरंग मंडलों की संगठनात्मक बैठकों में कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में आम जनता, कर्मचारियों, किसानों, बागवानों और युवाओं की समस्याओं के समाधान के बजाय राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता दी जा रही है।
श्रीकांत शर्मा ने कहा कि नवंबर 2025 में विधानसभा में दिए गए लिखित उत्तर के अनुसार सरकार ने विभिन्न बोर्डों और निगमों में 30 व्यक्तियों को अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष जैसे पदों पर नियुक्त किया था। उन्होंने सरकार से इन नियुक्तियों पर वेतन, मानदेय, वाहन, कार्यालय और अन्य सुविधाओं पर हुए खर्च का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की।
उन्होंने मार्च 2026 में बोर्डों, निगमों और आयोगों के पदाधिकारियों से कैबिनेट रैंक की सुविधाएं वापस लेने के निर्णय का उल्लेख करते हुए पूछा कि कितने लोगों को यह दर्जा दिया गया था और इस व्यवस्था पर कितना सरकारी धन खर्च हुआ।
भाजपा प्रदेश प्रभारी ने कांग्रेस से जुड़े एक पूर्व पदाधिकारी के कथित बयान का हवाला देते हुए धन संग्रह और दिल्ली भेजे जाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि आरोप गलत हैं तो सरकार तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट करे और यदि इनमें सच्चाई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने सरकारी ठेकों में पारदर्शिता और सार्वजनिक धन के उपयोग का विस्तृत ब्योरा जारी करने की भी मांग की।
श्रीकांत शर्मा ने विकास कार्यों में देरी, बेरोजगारी और प्रशासनिक अव्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मतदाता सूचियों की शुद्धता और लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान पर भी विचार रखे।
बैठकों में उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और जनसंपर्क बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने किन्नौर में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार और बागवानी से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता से उठाने की बात कही।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला