श्री दत्तात्रेय गुरुकुलम एवं गौशाला में भारतीय संस्कृति के संरक्षण का होगा महान कार्य : महंत श्री राजेश्वरानंद सरस्वती
मंडी, 27 जून (हि.स.)। भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से श्री दत्तात्रेय पब्लिक चेरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन महंत श्री राजेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के मार्गदर्शन में मंडी के तल्याहड़ में श्री दत्तात्रेय गुरुकुलम एवं गौशाला का निर्माण अतिशीघ्र किया जाएगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कारों, आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बनने जा रही है।
महंत श्री राजेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने बताया कि श्री दत्तात्रेय गुरुकुलम में विद्यार्थियों को वैदिक एवं आधुनिक शिक्षा का समन्वित स्वरूप पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए आवास, भोजन, वस्त्र, औषधि, अध्ययन सामग्री तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी निःशुल्क रहेगी। जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चे भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें। गुरुकुल में शुद्ध उच्चारण के साथ वेदाध्ययन, संस्कृत सम्भाषण, योग शिक्षा, नैतिक शिक्षा एवं आध्यात्मिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक पुस्तकालय, कम्प्यूटर लैब और अन्य आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों की भी व्यवस्था की जाएगी।
महंत श्री राजेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि गुरुकुल की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य भारतीय संस्कृति और संस्कृत भाषा का संरक्षण एवं संवर्धन, चरित्रवान एवं राष्ट्रनिष्ठ विद्यार्थियों का निर्माण, आध्यात्मिक एवं आधुनिक शिक्षा का समन्वय, नैतिक मूल्यों का विकास तथा सनातन धर्म परंपरा को आगे बढ़ाना है। इसके साथ ही प्राचीन संस्कृति, धर्म-दर्शन, पर्यावरण संरक्षण एवं आध्यात्मिक चेतना के विकास हेतु विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों का क्रियान्वयन भी किया जाएगा।
महंत श्री राजेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने बताया कि वर्ष 2024 में आयोजित रामार्चा महायज्ञ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों ने मंडी जनपद में एक वैदिक गुरुकुलम की स्थापना की आवश्यकता व्यक्त की थी। लोगों की इसी भावना, आस्था और प्रार्थना को ध्यान में रखते हुए इस पावन संकल्प को मूर्त रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंडी जिला के श्रद्धालुओं, समाजसेवियों एवं सनातन धर्म प्रेमियों के सहयोग से यह भव्य कार्य साकार होने जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान, संस्कार और संस्कृति का प्रेरणास्रोत बनेगा।
उन्होंने कहा कि विद्वान आचार्यों एवं अनुभवी अध्यापकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वर्तमान समय में भारतीय संस्कृति और संस्कारों के संरक्षण की आवश्यकता पहले से अधिक है तथा श्री दत्तात्रेय गुरुकुलम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। वहीं गौशाला गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय संवेदनाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा समाज को सेवा, संस्कार और आध्यात्मिकता का संदेश देगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा