सुंदरनगर में 553 श्रमिकों को 2.16 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद
मंडी, 18 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के माध्यम से मंडी जिले के सुंदरनगर उपमंडल में 553 श्रमिकों और उनके परिवारों को करीब 2.16 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। यह सहायता शिक्षा, विवाह, चिकित्सा, मातृत्व-पितृत्व और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत प्रदान की गई है।
सुंदरनगर के गांव कांगर की हिमा देवी भी इस सहायता से लाभान्वित हुई हैं। मनरेगा में दिहाड़ी लगाकर परिवार का पालन-पोषण करने वाली हिमा देवी को छोटे बेटे की शादी के लिए 51 हजार रुपये मिले। उन्होंने बताया कि उनके बड़े बेटे की शादी पहले हो चुकी है। छोटे बेटे के विवाह के समय मिली आर्थिक मदद से परिवार पर शादी के खर्च का बोझ कम हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार का आभार जताया।
चार वर्षों में 2.16 करोड़ की सहायता
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से 31 अगस्त 2026 तक सुंदरनगर उपमंडल में 2,880 श्रमिक पंजीकृत हुए हैं। वर्ष 2023-24 में 17.34 लाख रुपये, 2024-25 में 88.99 लाख रुपये और 2025-26 में 49.29 लाख रुपये की सहायता दी गई। एक अप्रैल से 31 अगस्त 2026 तक श्रमिकों को 60.66 लाख रुपये मिले।
वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती पांच महीनों में विवाह सहायता योजना के तहत 100 लाभार्थियों को 51 लाख रुपये दिए गए। मातृत्व-पितृत्व सहायता के तहत 21 लाभार्थियों को 7.03 लाख रुपये, मृत्यु सहायता में एक लाभार्थी को 2.20 लाख रुपये, हॉस्टल सहायता में दो लाभार्थियों को 40 हजार रुपये और चिकित्सा सहायता में एक लाभार्थी को 3,379 रुपये दिए गए।
ई-श्रम कार्ड के लिए पंजीकरण की अपील
जिला श्रम कल्याण अधिकारी अनिल ठाकुर ने बताया कि असंगठित क्षेत्र के 16 से 59 वर्ष आयु के श्रमिक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक खाते का विवरण आवश्यक है। श्रमिक स्वयं ऑनलाइन या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से ई-श्रम कार्ड बनवा सकते हैं। उन्होंने पात्र श्रमिकों से योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। जानकारी के लिए श्रम कल्याण अधिकारी कार्यालय, मंडी या संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा