ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी और सरदार पटेल विश्वविद्यालय के बीच शोध सहयोग हेतु एमओयू
शिमला, 14 जनवरी (हि.स.)। शैक्षणिक शोध, इतिहास एवं सांस्कृतिक अध्ययन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान, नेरी (हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश) तथा इतिहास विभाग, सरदार पटेल विश्वविद्यालय, वल्लभ विद्यानगर, आनंद (गुजरात) के मध्य एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह गरिमामयी कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय में संपन्न हुआ।
समझौता ज्ञापन पर ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान, नेरी की ओर से संस्थान के निदेशक डॉ. चेतराम गर्ग एवं इतिहास दिवाकर के संपादक डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने हस्ताक्षर किए। वहीं विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. निरंजनभाई पटेल, कुलसचिव डॉ. भाईलाल परसोतमभाई पटेल तथा इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. वसंत पटेल ने इस महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर कर औपचारिक सहयोग की शुरुआत की।
एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थानों के बीच संयुक्त शोध परियोजनाओं, परिसंवादों, संगोष्ठियों एवं कार्यशालाओं के आयोजन, संयुक्त प्रकाशनों तथा इतिहास, संस्कृति एवं क्षेत्रीय अध्ययन के क्षेत्र में सहयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश और गुजरात सहित पश्चिम एवं उत्तर भारत की ऐतिहासिक विरासत, लोक परंपराओं, सामाजिक-सांस्कृतिक विकास और क्षेत्रीय इतिहास पर समन्वित अनुसंधान किया जाएगा।
इस अवसर पर डॉ. चेतराम गर्ग ने कहा कि वर्ष 1954 में स्थापित, राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम से प्रतिष्ठित सरदार पटेल विश्वविद्यालय के साथ औपचारिक शैक्षणिक साझेदारी स्थापित करना संस्थान के लिए गौरव का विषय है। यह एमओयू केवल प्रशासनिक सहमति नहीं, बल्कि भारतीय उच्च शिक्षा की उस परंपरा का विस्तार है जिसमें ज्ञान, शोध और राष्ट्रबोध का समन्वय निहित है।
कुलपति प्रो. निरंजनभाई पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि यह समझौता भारतीय उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान परंपरा में सहयोग, समन्वय और साझा बौद्धिक उत्तरदायित्व की सशक्त अभिव्यक्ति है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला