पूरे शहर में होगी शिमला ग्रीष्मोत्सव की धूम, पहली बार हेलीकॉप्टर जॉय राइड की मिलेगी सुविधा
शिमला, 26 मई (हि.स.)। ग्रीष्मोत्सव-2026 इस बार नए रंग और बड़े स्वरूप में नजर आएगा। अब तक मुख्य रूप से रिज मैदान की सांस्कृतिक संध्याओं तक सीमित रहने वाला यह उत्सव इस बार पूरे शहर में धूम मचाएगा। खेल, साहित्य, संस्कृति, सामाजिक सरोकार और युवाओं की भागीदारी को जोड़ते हुए जिला प्रशासन इसे “जन सहभागिता उत्सव” के रूप में आयोजित करने जा रहा है।
पंचायती राज चुनावों और प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण इस बार ग्रीष्मोत्सव की तारीखों में बदलाव किया गया है। अब यह उत्सव 8 जून से 12 जून तक आयोजित होगा। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि इस बार कोशिश है कि ग्रीष्मोत्सव केवल मनोरंजन तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के हर वर्ग को इससे जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि इस बार ग्रीष्मोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण हेलीकॉप्टर जॉय राइड रहने वाली है। प्रशासन पहली बार लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए शिमला की सात पहाड़ियों के हवाई दर्शन करवाने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही कार्यक्रम केवल रिज मैदान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि रिज, रिपोर्टिंग रूम के सामने और खेल परिसर प्रांगण में अलग-अलग मंच तैयार किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि ग्रीष्मोत्सव में पहली बार 50 स्कूलों के विद्यार्थियों को भी विशेष रूप से शामिल किया जाएगा। चार जोन में बांटे गए स्कूलों के बीच “श्यामला मंथन” नाम से हिंदी और अंग्रेजी भाषण प्रतियोगिता आयोजित होगी। इसका उद्देश्य बच्चों में नेतृत्व क्षमता विकसित करना और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना बताया गया है। प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए 51 हजार, 31 हजार और 21 हजार रुपये के पुरस्कार तथा रनिंग ट्रॉफी रखी गई है।
उपायुक्त ने कहा कि महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को भी इस बार ग्रीष्मोत्सव में खास मंच मिलेगा। “शिमला स्वाद महोत्सव” के तहत स्थानीय व्यंजन और पहाड़ी पकवान लोगों को आकर्षित करेंगे। छह स्टॉलों पर हिमाचली स्वाद परोसा जाएगा। वहीं युवाओं को नशे से दूर रखने के संदेश के साथ “एंटी-चिट्टा इंटर डिस्ट्रिक्ट वॉलीबॉल चैंपियनशिप” का आयोजन भी किया जाएगा। संजौली में होने वाली इस प्रतियोगिता में हिमाचल के 12 जिलों की टीमें हिस्सा लेंगी। विजेता टीम को एक लाख रुपये और उपविजेता को 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
उत्सव के दौरान फिल्म फेस्टिवल भी आयोजित होगा। इसमें खास तौर पर चिट्टे और नशे जैसी सामाजिक समस्याओं पर बनी लघु फिल्मों को मंच दिया जाएगा। विजेता फिल्म को एक लाख रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वाली फिल्म को 75 हजार और तीसरे स्थान पर रहने वाली फिल्म को 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। प्रशासन की योजना चयनित फिल्मों को भविष्य में स्कूलों में भी दिखाने की है, ताकि युवाओं तक सामाजिक संदेश पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि ग्रीष्मोत्सव में इस बार “माय चैंपियन डॉग शो”, फ्लावर शो और “हेल्दी बेबी शो– माय चाइल्ड, माय प्राइड” जैसे कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। इसके अलावा “वॉयस ऑफ माउंटेन्स” अंतरराष्ट्रीय गायन प्रतियोगिता, फैशन शो, जुम्बा, मलखंभ प्रदर्शन और “रंगों की दुनिया” आर्ट फेस्टिवल भी उत्सव का हिस्सा होंगे।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में तिब्बती समुदाय का पारंपरिक “छम नृत्य” और धर्मशाला की टीआईपीए टीम की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। पांच दिनों तक रंगमंच कार्यक्रम और साहित्यिक गोष्ठियां भी आयोजित की जाएंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा