शिमला-मटौर फोरलेन का कांगड़ा बाईपास यातायात के लिए खुला, साढ़े तीन किलोमीटर की दूरी होगी कम

 


मंडी, 01 नवंबर (हि.स.)। प्रदेश के अति महत्वपूर्ण मार्गो में एक शिमला मटौर कारिडोर का कांगड़ा बाईपास रविवार को यातायात के लिए ट्रायल के तौर पर खोल दिया गया। इससे इस मार्ग पर रोजाना चलने वाले हजारों वाहनों को सीधा लाभ होगा। एनएचएआई के एक प्रवक्ता ने यहां पर इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एनएचएआई द्वारा शिमला- मटौर कॉरिडोर के महत्वपूर्ण खंड भंगबार -कांगड़ा (एनएच -503) प्रोजेक्ट के तहत निर्मित कांगड़ा बाईपास को रविवार से ट्रायल आधार पर यातायात के लिए खोल दिया गया है। रियुंद खड्ड पर 155 मीटर लंबे प्रमुख पुल के निर्माण के पूरा होने के साथ ही यह महत्वपूर्ण परियोजना यातायात के लिए शुरू हो गई है।

प्रवक्ता ने बताया कि इस बाईपास की लंबाई 4.5 किलोमीटर है, जिसमें 593 मीटर लंबी ट्विन-ट्यूब सुरंग, तीन प्रमुख पुल, जिनकी कुल लंबाई लगभग 477 मीटर है, 160 मीटर लंबा वायाडक्ट, 455 मीटर लंबा रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी)-कम-वायाडक्ट और रियूंद खड्ड पर 155 मीटर लंबा प्रमुख पुल शामिल है। कांगड़ा बाईपास के शुरू होने से यात्रा की दूरी लगभग 8 किलोमीटर से घटकर 4.5 किलोमीटर रह जाएगी। इससे लोगों को पुराने मार्ग पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। विशेष रूप से पर्यटन सीजन के दौरान लगने वाले जाम के कारण होने वाली देरी में भी कमी आने की उम्मीद है। यह बाईपास कांगड़ा, धर्मशाला और मैक्लोडगंज की ओर जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों के लिए आवागमन को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही, बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों, स्थानीय व्यापार और आर्थिक विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

एनएचएआई ने यात्रियों से अपील की है कि बाईपास को फिलहाल ट्रायल आधार पर यातायात के लिए खोला गया है, इसलिए सभी वाहन चालकों से अनुरोध है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें, सड़क पर लगे साइन बोर्ड एवं यातायात नियमों की अनुपालना करें और वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए मार्ग पर तैनात कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा