शिमला में नशे के कारोबार से जुड़ी संपत्तियों की होगी जांच
शिमला, 23 मार्च (हि.स.)। नशे के कारोबार से अर्जित सम्पत्तियों की प्रशासन जांच करेगा। शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप ने जिला स्तरीय मासिक एनकॉर्ड समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की संपत्तियों की पहचान कर उनकी जांच की जाए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह बैठक सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें जिले के सभी एसडीएम और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि शिमला जिला पुलिस नशे के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है और हाल ही में एक बड़े नशा गिरोह का भी पर्दाफाश किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि पटवारी अपने-अपने क्षेत्रों में नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की जानकारी एकत्र कर एसडीएम को भेजें, ताकि ऐसे मामलों की निगरानी कर संपत्तियों की जांच की जा सके और आगे की कार्रवाई की जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि नशे के कारोबारियों की संपत्तियों की जांच में पुलिस को राजस्व विभाग और अन्य विभागों का पूरा सहयोग मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नशे के खिलाफ चल रही जागरूकता गतिविधियों का रिकॉर्ड भी व्यवस्थित तरीके से रखा जाए और सभी विभाग मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाएं।
उन्होंने बताया कि “ड्रग फ्री हिमाचल” मोबाइल ऐप के बारे में स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को जागरूक किया जाएगा, ताकि युवा वर्ग नशे के खिलाफ जागरूक हो और जरूरत पड़ने पर गुप्त रूप से सूचना भी दे सके। इस ऐप के जरिए दी गई सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रहती है।
उपायुक्त ने कहा कि पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए आबकारी विभाग को अवैध शराब और उसके भंडारण पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में नशा निवारण समितियों का गठन अभी तक नहीं हुआ है, वहां जल्द से जल्द समितियां बनाई जाएं और स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान तेज किए जाएं।
बैठक को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और एनडीपीएस मामलों में लगातार तेजी लाई जा रही है। उन्होंने बताया कि अंतर्राज्यीय नशा गिरोहों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि नशे से जुड़े मामलों में वित्तीय जांच की गति अभी धीमी है, जिसे राजस्व विभाग की रिपोर्ट समय पर मिलने से तेज किया जा सकता है। इससे नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया मजबूत होगी।
एसएसपी ने लोगों से अपील की कि यदि उनके क्षेत्र में कहीं नशे का कारोबार हो रहा है तो उसकी सूचना “ड्रग फ्री हिमाचल” मोबाइल ऐप के माध्यम से जरूर दें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को भी नशे की ओवरडोज से होने वाली मौतों को कम करने के लिए विशेष प्रयास करने होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा