आरएफसी की शानदार उपलब्धि पर गर्व, सीएमडी मनोज कुमार दुबे व निगम को मिले सम्मान : शांता कुमार
शिमला, 29 अगस्त (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने रेलवे वित्त निगम की शानदार वित्तीय उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समय में जब सरकार द्वारा संचालित अधिकांश निगम घाटे से जूझ रहे हैं, रेलवे वित्त निगम ने लाभ, वित्तीय अनुशासन और कार्यकुशलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
शांता कुमार ने शनिवार काे एक बयान में कहा कि वर्ष 2026 में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में रेलवे वित्त निगम ने कर-पश्चात करीब 7,000 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित कर नया रिकॉर्ड कायम किया है। निगम ने अपनी परिसंपत्तियों को बढ़ाकर करीब 85,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाया है। इसके साथ ही निगम ने शून्य एनपीए का बेदाग रिकॉर्ड कायम किया है, जो उसके करीब 40 वर्ष के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि निगम के सीएमडी मनोज कुमार दुबे के नेतृत्व में हासिल हुई है। मनोज कुमार दुबे ने अक्टूबर 2024 में निगम के सीएमडी का कार्यभार संभाला था। उनके कार्यकाल में निगम ने न केवल अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया, बल्कि नवरत्न का दर्जा हासिल करने में भी सफलता प्राप्त की।
शांता कुमार ने कहा कि निगम की सबसे बड़ी विशेषता लगातार वित्तीय अनुशासन बनाए रखना है। इसके परिणामस्वरूप एनपीए पूरी तरह शून्य रहा। निगम का पूंजी पर्याप्तता अनुपात 110.91 प्रतिशत रहा, जो इसके उच्चतम स्तरों में से एक है।
उन्होंने कहा कि निगम की मजबूत वित्तीय स्थिति का सकारात्मक प्रभाव उसके कर्मचारियों पर भी पड़ा है। इस वर्ष रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर रिकॉर्ड बोनस दिया गया, जो दो माह 18 दिन के वेतन के बराबर है।
शांता कुमार ने कहा कि भारत सरकार के रेलवे वित्त निगम की यह ऐतिहासिक उपलब्धि निश्चित रूप से गर्व का विषय है। उन्होंने भारत सरकार से आग्रह किया कि निगम की इस शानदार उपलब्धि को देखते हुए सीएमडी मनोज कुमार दुबे और रेलवे वित्त निगम को विधिवत सम्मानित किया जाए।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियों को सार्वजनिक रूप से प्रोत्साहित करने से सरकारी क्षेत्र के अन्य निगमों को भी वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला