सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी राष्ट्रीय एकता के लिए महत्वपूर्ण : शांता कुमार
शिमला, 19 सितंबर (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने कहा कि भारत का सुप्रीम कोर्ट केवल कानूनी फैसले ही नहीं देता, बल्कि समय-समय पर राष्ट्रीय एकता और देशहित से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश भी देता है।
शांता कुमार ने शनिवार काे एक बयान में कहा कि सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति ए.जी. मसीह की पीठ ने तमिलनाडु में नवोदय विद्यालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने के निर्देशों का पालन करने को कहा है। उन्होंने कहा कि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि तमिलनाडु की धरती पर हिंदी नहीं पढ़ाई जाएगी, ऐसा नहीं हो सकता। चेन्नई और दिल्ली को एक-दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता। केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा तथा शिक्षा नीति जैसे विषयों पर संवाद आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि फैसले में न्यायमूर्ति नागरत्ना ने इस बात पर जोर दिया कि चेन्नई के लोगों को दिल्ली से अलग-थलग नहीं पड़ना चाहिए और न ही दिल्ली के लोगों को चेन्नई से अलग-थलग होना चाहिए। शांता कुमार के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई राज्य केंद्र की नीति को पूरी तरह अस्वीकार नहीं कर सकता।
शांता कुमार ने कहा कि आज मामला शिक्षा नीति का है, कल कोई अन्य विषय भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि हिंदी के प्रश्न पर भी संवाद और सकारात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के कुछ राज्यों से जुड़े इस विवाद के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां राष्ट्रीय एकता की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। शांता कुमार ने इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के लिए उसका आभार व्यक्त करते हुए इसे महत्वपूर्ण संदेश बताया।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला