बिना होमवर्क बयानबाजी कर जनता के बीच अपनी फजीहत करवा रही कांग्रेस : विनोद ठाकुर

 

हमीरपुर, 08 अक्टूबर (हि.स.)। भाजपा जिला प्रवक्ता विनोद ठाकुर ने कांग्रेस के प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट शगुन दत्त के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता बिना तथ्यों और दस्तावेजों की पड़ताल किए बयानबाजी कर जनता के बीच अपनी फजीहत करवाने का कोई मौका नहीं छोड़ते। उन्होंने कहा कि शगुन दत्त द्वारा भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर के बयान पर की गई प्रेस वार्ता भी इसी जल्दबाजी का उदाहरण है।

विनोद ठाकुर ने कहा कि भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने समीरपुर से जल शक्ति विभाग के उपमंडल कार्यालय के स्थानांतरण को लेकर भोरंज विधायक सुरेश कुमार और प्रदेश सरकार से सवाल उठाए थे। इसके जवाब में शगुन दत्त ने उक्त उपमंडल के संबंध में भाजपा जिला अध्यक्ष से सरकारी अधिसूचना दिखाने की मांग की और राकेश ठाकुर के बयान को झूठा बताया। अब विनोद ठाकुर ने संबंधित सरकारी दस्तावेज मीडिया के समक्ष प्रस्तुत कर कहा कि जनता स्वयं तथ्यों को देख रही है।

उल्लेखनीय है कि उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड में समीरपुर में जल शक्ति विभाग का उपमंडल खोले जाने की घोषणा और समीरपुर जल शक्ति विभाग का सेक्शन स्थापित होने का उल्लेख मिलता है, जिसके अंतर्गत आठ पंचायतों के 31 गांव शामिल किए जाने की पुष्टि की गई थी।

विनोद ठाकुर ने कहा कि शगुन दत्त को प्रेस वार्ता करने से पहले संबंधित विभाग की अधिसूचना और सरकारी रिकॉर्ड की जानकारी ले लेनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को खुश करने की राजनीतिक होड़ में कांग्रेस के नेता कई बार तथ्यों की अनदेखी कर देते हैं और यही स्थिति इस मामले में भी दिखाई दी।

उन्होंने शगुन दत्त से यह भी पूछा कि समीरपुर स्कूल में भवन निर्माण के लिए छह करोड़ रुपये की स्वीकृति का जो दावा उनके द्वारा किया जा रहा है, उसकी संबंधित सरकारी अधिसूचना अथवा स्वीकृति पत्र भी अब जनता के समक्ष जारी किया जाना चाहिए, ताकि जनता को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके। साथ ही वो उस जमीन को भी दिखाएं जहां पर इन नए भवनों के निर्माण का तथाकथित दावा किया गया है।

विनोद ठाकुर ने कहा कि शगुन दत्त अभी राजनीति में नए हैं और उन्हें सलाह है कि वे राजनीतिक बयानबाजी में तथ्यों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि किसी नेता या सरकार का बचाव करने के बजाय यदि कांग्रेस के नेता दस्तावेजों और सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर मुद्दे उठाएं तो इससे सार्वजनिक बहस अधिक सार्थक होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विशाल राणा