एसएफआई का हिमाचल विवि में प्रदर्शन, ईसी सदस्यों को सौंपा ज्ञापन

 


शिमला, 27 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्र हितों और विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने शुक्रवार को कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (ईसी) के सदस्यों को ज्ञापन सौंपकर छात्र हितों से जुड़ी मांगों पर जल्द कार्रवाई की मांग उठाई।

एसएफआई ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन लंबे समय से छात्रों की समस्याओं की अनदेखी कर रहा है। संगठन का कहना है कि विद्यार्थियों पर लगातार बढ़ती फीस का बोझ डाला जा रहा है, जबकि बुनियादी सुविधाओं और शैक्षणिक व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा। प्रदर्शन के दौरान संगठन ने फीस वृद्धि वापस लेने और विश्वविद्यालय के वित्तीय ढांचे में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

ज्ञापन में छात्र संघ चुनावों की बहाली को प्रमुख मुद्दे के तौर पर उठाया गया। संगठन ने कहा कि लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुरूप प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव दोबारा शुरू किए जाने चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर मिल सके। इसके अलावा विभागों में दोहराव की व्यवस्था समाप्त करने, नियमित शिक्षकों को शिक्षण कार्य आवंटित करने और शिक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग भी की गई।

एसएफआई ने विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए नए छात्रावासों के निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर दिया। संगठन का कहना है कि हिमाचल प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी विश्वविद्यालय में पढ़ने आते हैं, लेकिन छात्रावासों की सीमित संख्या के कारण उन्हें आवास संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में विश्वविद्यालय को जल्द नए छात्रावासों के निर्माण की दिशा में कदम उठाने चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान संगठन ने विश्वविद्यालय में हुई शिक्षक भर्तियों, निर्माण कार्यों, वित्तीय मामलों और करियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के तहत हुई पदोन्नतियों की स्वतंत्र और न्यायिक जांच की मांग भी उठाई। एसएफआई का कहना है कि सार्वजनिक धन के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। संगठन ने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

एसएफआई कैंपस सचिव मुकेश ने कहा कि संगठन पहले भी कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष छात्रों की समस्याएं उठा चुका है, लेकिन अब तक मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन और कार्यकारी परिषद छात्रों की मांगों की लगातार अनदेखी करते रहे तो संगठन आने वाले समय में अपने आंदोलन को और व्यापक बनाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा