अब बच्चों की पीठ पर नहीं पड़ेगा ज्यादा बोझ, स्कूल बैग के वजन पर तय हुई सीमा

 


शिमला, 12 जुलाई (हि.स.)। स्कूल जाने वाले बच्चों के भारी बैग को लेकर लंबे समय से अभिभावकों और विशेषज्ञों की ओर से चिंता जताई जाती रही है। अब शिक्षा विभाग ने इस दिशा में कदम उठाते हुए स्कूल बैग के वजन को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। जिला शिमला के उप निदेशक स्कूल शिक्षा (माध्यमिक) ने जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को आदेश दिए हैं कि किसी भी विद्यार्थी के स्कूल बैग का वजन उसके शारीरिक वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। शिक्षा विभाग ने यह निर्देश शिकायतों और उच्च स्तर से मिले आदेशों के बाद जारी किए हैं।

विभाग का कहना है कि विद्यालय इस व्यवस्था को गंभीरता से लागू करें, जिससे विद्यार्थियों पर अनावश्यक बोझ न पड़े और उनकी शारीरिक सेहत पर प्रतिकूल असर न हो।

समय-सारिणी में होगा बदलाव, केवल जरूरी किताबें ही लानी होंगी

जारी आदेश में विद्यालयों से कहा गया है कि वे अपनी समय-सारिणी इस प्रकार तैयार करें, जिससे विद्यार्थियों को प्रतिदिन केवल उसी दिन पढ़ाई के लिए आवश्यक पुस्तकें और कॉपियां ही स्कूल लानी पड़ें। स्कूलों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि छात्र अतिरिक्त किताबें, कॉपियां और अन्य अनावश्यक सामग्री अपने बैग में लेकर न आएं।

विभाग का मानना है कि यदि रोजाना की पढ़ाई के अनुसार पुस्तकों का उपयोग होगा तो स्कूल बैग का वजन अपने आप कम होगा। आदेश में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की ओर से स्कूल बैग के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने के लिए भी कहा गया है। विभाग ने सभी विद्यालयों से इन निर्देशों को नियमित व्यवस्था का हिस्सा बनाने पर जोर दिया है।

सभी स्कूलों से मांगी गई कार्रवाई रिपोर्ट

उप निदेशक स्कूल शिक्षा (माध्यमिक), जिला शिमला ने सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को निर्देशों का तत्काल पालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही, इन आदेशों के अनुपालन में की गई कार्रवाई की एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) निर्धारित प्रारूप में तय समय के भीतर विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा