शिमला में आरएसएस का पथ संचलन, स्थानीय लोगों ने की पुष्पवर्षा

 


शिमला, 25 अक्टूबर (हि.स.)।विजयदशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने रविवार को शिमला के माधव नगर में पथ संचलन और नगर एकत्रीकरण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में भाग लिया। कलिस्टन से दूधली तक निकाले गए पथ संचलन के दौरान स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक और प्रांत पर्यावरण गतिविधि के सह-संयोजक पवन कुमार मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने स्वयंसेवकों और उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि विजयदशमी असत्य पर सत्य की जीत, अहंकार पर विनय की जीत और शक्ति की आराधना का पर्व है। उन्होंने इस पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह लोगों को सत्य और अच्छे आचरण के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।

पवन कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में विजयदशमी के दिन डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। संघ हर वर्ष विजयदशमी के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करता है। इस वर्ष संघ अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम भी आयोजित कर रहा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर संघचालक उधम सिंह गुलेरिया ने की। उन्होंने विजयदशमी के अवसर पर स्वयंसेवकों से देशप्रेम की भावना को अपने आचरण में उतारने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को देश के लिए अपनी ओर से कुछ न कुछ योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम में नगर एकत्रीकरण के माध्यम से स्वयंसेवक एकत्र हुए और विजयदशमी के अवसर पर संघ की गतिविधियों और विचारों से जुड़े संदेश साझा किए गए।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा