नाहन में संघ की जन संगोष्ठी, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण पर जोर
नाहन, 31 मार्च (हि.स.)। जिला सिरमौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा नाहन स्थित माता पद्मावती निजी नर्सिंग कॉलेज के सभागार में एक प्रमुख जन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ‘वंदे मातरम्’ से हुआ।
संगोष्ठी में संघ के अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रमुख प्रदीप जोशी ने मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित होकर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने 100 वर्षों की यात्रा पूर्ण कर ली है और इस दौरान संगठन ने सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी, नागरिक कर्तव्यों और कुटुंब प्रबोधन जैसे विषयों पर निरंतर कार्य किया है।
प्रदीप जोशी ने कहा कि भारत विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर है और इसके लिए सज्जन शक्ति को संगठित कर राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को याद करते हुए कहा कि उन्होंने 1925 में विजयदशमी के दिन संघ की स्थापना कर भारत को स्वतंत्र और सशक्त बनाने का संकल्प लिया था।
उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित, सशक्त और समर्थ बनाना है। संघ व्यक्तिगत और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण पर विशेष बल देता है तथा समाज की उन्नति के लिए सामूहिक प्रयास और एकजुटता को आवश्यक मानता है। उन्होंने कहा कि देश के सर्वांगीण विकास में सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है और संघ सभी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में कार्यरत है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक विषयों, सेवा कार्यों, वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों, शिक्षा नीति, संस्कारों और संघ में महिलाओं की सहभागिता जैसे मुद्दों पर प्रश्न पूछे, जिनका प्रदीप जोशी ने विस्तार से उत्तर दिया।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में देशभर में एक लाख से अधिक सेवा कार्य संचालित हो रहे हैं और एक लाख से अधिक स्थानों पर शाखाएं एवं मिलन केंद्र सक्रिय हैं। संघ के स्वयंसेवक समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रहकर समाज के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर