दीक्षांत समारोह नई शुरुआत का अवसर, युवा ज्ञान के साथ चरित्र निर्माण पर दें जोर : राज्यपाल

 


सोलन, 09 सितंबर (हि.स.)। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने बुधवार को बद्दी स्थित आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए तथा 402 स्नातक विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दी।

राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल शैक्षणिक यात्रा का समापन नहीं, बल्कि जीवन के नए चरण की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदारी, अनुशासन, ज्ञान, चरित्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री और रोजगार हासिल करना नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और चरित्र निर्माण को बढ़ावा देना होना चाहिए। विश्वविद्यालयों को युवाओं को रोजगार तलाशने वालों के बजाय अवसर और समाधान पैदा करने वाला बनाने पर जोर देना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि एआई और डिजिटल तकनीक के बढ़ते प्रभाव से रोजगार की प्रकृति बदल रही है। ऐसे में तकनीकी दक्षता के साथ रचनात्मकता, संवेदनशीलता, गंभीर चिंतन और नैतिक मूल्यों का महत्व भी बना रहेगा।

उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, नशामुक्त समाज और सामाजिक समरसता के लिए योगदान देने का आह्वान किया। इससे पहले उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में रुद्राक्ष का पौधा भी रोपा।

हिन्दुस्थान समाचार / संदीप शर्मा