आरडीजी पर केंद्र से मदद की मांग तेज, हिमाचल लौटे राजस्व मंत्री ने बीजेपी पर साधा निशाना

 

शिमला, 23 फ़रवरी (हि.स.)। राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) के मुद्दे पर दिल्ली में कांग्रेस हाई कमान के साथ हुई बैठक के बाद हिमाचल लौटे राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा है कि राज्य के हितों की रक्षा के लिए सरकार हर संवैधानिक विकल्प पर विचार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी इस मामले में राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है और प्रदेश के राजस्व प्रयासों में बाधा डाल रही है।

शिमला में सोमवार पत्रकारों से बातचीत में नेगी ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में मंत्रिमंडल की दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व के साथ विस्तृत चर्चा हुई है। बैठक में तय किया गया है कि राजस्व घाटा अनुदान का मुद्दा लोकसभा में भी उठाया जाएगा, ताकि हिमाचल के वित्तीय हितों की मजबूती से पैरवी हो सके।

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और विशेष रूप से अनुसूचित क्षेत्रों वाले राज्यों को विशेष केंद्रीय सहायता देने का प्रावधान है। उनके अनुसार हिमाचल प्रदेश को तब तक आरडीजी मिलता रहना चाहिए, जब तक राज्य की वित्तीय स्थिति पूरी तरह संतुलित नहीं हो जाती। नेगी ने यह भी कहा कि वित्त आयोग की सिफारिशों और आरडीजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संसद में पर्याप्त बहस होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

राजस्व मंत्री ने कहा कि यदि केंद्र सरकार हिमाचल को किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता देती है तो उसका स्वागत किया जाएगा, लेकिन बीजेपी नेताओं के बयानों से ऐसा प्रतीत होता है कि वे प्रदेश के हितों के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन से लेकर न्यायालय तक सभी विकल्प खुले रखे हुए है।

वन भूमि से जुड़े मुद्दे पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का स्वागत किया। नेगी के अनुसार इस आदेश से उन परिवारों को राहत मिलेगी जो वर्षों से वन भूमि पर खेती-बाड़ी या बागवानी कर अपना जीवनयापन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वन संरक्षण अधिनियम, 1980 में जरूरी छूट देने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है, ताकि प्रभावित परिवारों को स्थायी राहत मिल सके।

फल और सब्जियों पर एक प्रतिशत मार्केट टैक्स लगाने के प्रस्ताव पर बीजेपी के विरोध को लेकर भी नेगी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बीजेपी राज्य सरकार को राजस्व अर्जित करने नहीं देना चाहती। उनके मुताबिक केंद्र द्वारा आयात शुल्क घटाने के फैसले पर भी सवाल उठने चाहिए। नेगी ने पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार के पास प्रदेश के लिए काम करने का पूरा मौका था, लेकिन उन्होंने कर्ज लेकर खर्च बढ़ाया और वित्तीय बोझ मौजूदा सरकार पर छोड़ दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा