कोटली रामलीला में प्रभु श्री राम ने तोड़ा शंभूचाप धनूष
मंडी, 14 अक्टूबर (हि.स.)। श्री रामलीला कमेटी कोटली की ओर से स्थानीय किसान भवन में आयोजित किए जा रहे रामलीला उत्सव की तीसरी संध्या के प्रथम दृश्य में प्रभु श्री राम ने शंभूचाप का भंजन करके सीता से विवाह कर लिया। मिथिलापुरी के राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता के विवाह के लिए स्वयंवर रचाया था। जिसमें पधारे योद्धाओं के लिए शंभू चाप को तोड़ना सीता से विवाह की अनिवार्य शर्त रखी गई थी। लेकिन जब वहां उपस्थित सभी राजा शंभूचाप को तोड़ने में असमर्थ रहे तो प्रभु श्री राम ने बड़ी आसानी से उसे उठाकर तोड़ डाला। इतने में इसी दृश्य में परशुराम प्रवेश करते हैं जो की शंभू चाप के भंजन पर क्रोधित हो जाते हैं। आखिर में जब उन्हें श्री राम अवतार का ज्ञान हो जाता है तो वह श्री राम के चरणों में नतमस्तक हो जाते हैं।
उधर, अयोध्या में श्री राम के राज्याभिषेक की तैयारी के बीच मंथरा महारानी कैकई के कान भर देती है। उसकी बातों में आकर महारानी कैकई अयोध्या नरेश दशरथ से दो वरदान मांग लेती है। जिसमें एक में भरत को राज्य और दूसरे में राम को 14 वर्ष का वनवास देने की बात कहती है।
मंगलवार को आयोजित रामलीला उत्सव की तीसरी संध्या के अवसर पर ग्राम पंचायत सुराड़ी के पूर्व प्रधान गुलजारीलाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का आगाज किया। उन्होंने आयोजन समिति को बधाई देते हुए अपनी ओर से 9100 रूपए की राशि सहयोग के तौर पर भेंट की।
इस मौके पर उनके साथ ग्राम पंचायत खलाणू के उप प्रधान मेघ सिंह, सुराड़ी के उप प्रधान भूपेंद्र घरवानी, सीडी कोऑपरेटिव सोसाइटी के वाइस चेयरमैन वासुदेव, ट्रांसपोर्टर रोशन लाल, तथा सब्जी विक्रेता पलस राम आदि गणमान्य भी उपस्थित रहे। इससे पूर्व आयोजन स्थल पर पहुंचने पर मुख्य अतिथि का ढोल-नगाड़ों तथा फूल मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया गया।
रामलीला कमेटी कोटली के प्रधान प्रशांत मोहन, निदेशक नरेश ठाकुर, कोषाध्यक्ष कमल किशोर, संगीत निर्देशक शेर सिंह ठाकुर, मनीष शर्मा तथा पवन कुमार ने टोपी , मफ़लर और स्मृति चिन्ह भेंट करके अतिथियों को सम्मानित किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा