उद्घाटन रद्द और प्रशासनिक कोटा घटाया, सुक्खू सरकार में शासन-प्रशासन चौपट : राजेंद्र राणा

 


हमीरपुर, 18 अगस्त (हि.स.)। प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल में व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर सरकार ने सिस्टम को चौपट कर दिया है। सरकार के पास अब 3 ही काम बचे हैं। काम रोकना, काम का श्रेय लूटना और सवाल पूछने वालों पर कार्रवाई करना। हमीरपुर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पहले इस सरकार में 4 साल तक उद्घाटन रोके जाते रहे, लेकिन अब उद्घाटनों को भी रद्द करने की नौबत आ गई है।

उन्होंने द्रंग के दियोरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल का उदाहरण देते हुए कहा कि 5 जुलाई को शिक्षामंत्री द्वारा स्कूल का उद्घाटन किए जाने के बाद उसे रद्द करवाने का आखिर क्या औचित्य था? मुख्यमंत्री की रातों की नींद क्यों उड़ी जोकि दोबारा उद्घाटन का फैसला लिया। क्या केवल इसलिए कि उसी स्कूल भवन का उद्घाटन कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा से करवाया जा सके? जिसका दूर-दूर तक इसमें कोई योगदान नहीं रहा, उसे फीता काटने का श्रेय देने की इतनी बेचैनी क्यों दिखाई? यह विकास का उत्सव नहीं, उद्घाटन के बहाने श्रेय की राजनीति का उत्सव बन गया है।

उन्होंने कहा कि अब सरकार की नजर हिमाचल की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ पर है। पहले आए दिन अपने 6 और 3 निर्दलीय विधायकों को अपमानित किया जाता रहा। 2 साल पहले उन्होंने तानाशाही के खिलाफ और जनता की आवाज उठाई तो उन्हें पार्टी और विधानसभा से बाहर किया और अब भी झूठी एफआईआर दर्ज कर रहे हैं। सरकार में बाकि विधायकों और मंत्रियों को भी जलील किया जा रहा है। अब बारी हिमाचल की रीढ़ प्रशासनिक अधिकारियों की है। हिमाचल को केंद्र से 152 प्रशासनिक अधिकारी मिलते हैं, जिसे घटाकर 130 कर दिया है। ये वो टॉप क्रीम हैं जो नीति और योजनाएं बनाती हैं और उसे जमीन पर उतारती हैं। जो विजन भी रखते हैं और विजनरी भी हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विशाल राणा