मुख्यमंत्री सुक्खू को जनता पांच बातों के लिए याद रखेगी : राजिंदर राणा
शिमला, 06 अगस्त (हि.स.)। भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता व पूर्व विधायक राजिंदर राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में मुख्यमंत्री को पांच बातों के लिए याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा किया कि मुख्यमंत्री उत्तर भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्री, प्रदेश के इतिहास में सबसे अधिक कर्ज लेने वाले मुख्यमंत्री, सबसे अधिक झूठ बोलने वाले, अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने वाले और राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम करने वाले मुख्यमंत्री के रूप में पहचान बना चुके हैं।
शिमला में वीरवार को पत्रकारों से बातचीत में राणा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लोकतांत्रिक सरकार नहीं, बल्कि कुछ करीबी लोगों का समूह फैसले ले रहा है। उनके अनुसार सचिवालय से लेकर विभिन्न सरकारी नियुक्तियों तक कुछ चुनिंदा लोगों का प्रभाव दिखाई देता है।
उन्होंने दावा किया कि जनता के टैक्स का पैसा विकास कार्यों की जगह बड़ी संख्या में सलाहकारों, ओएसडी और अन्य राजनीतिक नियुक्तियों पर खर्च किया जा रहा है।
राजिंदर राणा ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल में रिकॉर्ड स्तर पर कर्ज लिया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश पर 1.44 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो चुका है, लेकिन सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी सुविधाओं में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं देता।
उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल पथ परिवहन निगम आर्थिक संकट से गुजर रहा है, कई बस रूट प्रभावित हैं, कर्मचारी और पेंशनभोगी परेशान हैं तथा सरकार विकास के बजाय केवल घोषणाएं कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पर्यटन निगम की लाभ देने वाली संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है।
राणा ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कर राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के कोई सबूत हैं तो सरकार उन्हें अदालत में पेश करे।
उन्होंने दावा किया कि पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में जनता ने कांग्रेस को संदेश दे दिया है और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका बड़ा असर दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधने के बजाय प्रदेश की आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी, कर्मचारियों की समस्याओं और बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा