हिमाचल में पहली बार प्रदेश सरकार ने खुद के खिलाफ किया प्रदर्शन: बिंदल
शिमला, 29 नवंबर (हि.स.)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब मुख्यमंत्री, मंत्री और सत्ता पक्ष के विधायक अपनी ही सरकार के दौरान चल रहे विधानसभा सत्र को छोड़कर सड़क पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और संवैधानिक व्यवस्था पर गहरा संकट बताया।
डॉ. बिंदल ने शनिवार को एक बयान में कहा कि विधानसभा परिसर में तख्तियां लेकर कांग्रेस सरकार का धरने पर बैठना और मंत्रियों का सड़क पर नारेबाज़ी करना प्रदेश की बदहाली और प्रशासनिक असफलता का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकार चलाने की जिम्मेदारी निभाने वालों का स्वयं सड़क पर उतर आना यह संकेत है कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की जनता के सामने अपनी पूरी असफलता स्वीकार कर ली है।
उन्होंने कहा कि 2022 में जनता ने जिस भरोसे के साथ कांग्रेस को सत्ता का दायित्व सौंपा था, कांग्रेस ने उसी जनमत के साथ छल किया है। झूठे वादों के दम पर सत्ता हासिल करने वाली इस सरकार ने तीन वर्षों में प्रदेश को आर्थिक और प्रशासनिक रूप से दिवालिया कर दिया। हजारों वरिष्ठ नागरिक अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं, और उसी समय सरकार खुद नारेबाज़ी करने उतर आई—यह अत्यंत शर्मनाक स्थिति है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि जनता पूछ रही है कि फरियादी इसलिए सड़क पर हैं क्योंकि सरकार उनका हक़ मार रही है, लेकिन जो सत्ता का आनंद ले रहे हैं वे भी सड़क पर क्यों? यदि सरकार को केवल नारे लगाने हैं तो सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। कांग्रेस की वर्तमान सरकार अपना अस्तित्व और जनविश्वास दोनों खो चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि तीन वर्षों में प्रदेश पर 45 हजार करोड़ का कर्ज चढ़ा दिया गया, 50 से अधिक चेयरमैन और वाइस चेयरमैन नियुक्त कर सरकारी खजाने पर भार डाला, और माफिया तंत्र को संरक्षण दिया। उन्होंने कहा कि जब जनता सवाल पूछ रही है तो सरकार सड़क पर उतरकर केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोसने और भाजपा पर आरोप लगाने में व्यस्त है। यदि नारे लगाने का ही शौक है तो सत्ता छोड़ दें, जनता खुद सरकार चलाएगी।
बिंदल ने कहा कि तीन वर्षों से भाजपा को गाली देने के बाद अब कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। देश के विभाजन और लाखों भारतीयों के नरसंहार के लिए जिम्मेदार कांग्रेस आज उन स्वयंसेवकों को अपमानित कर रही है जिन्होंने संकट के समय जनता के हित में काम किया है।
उन्होंने कहा कि भारत की भूमि चीन को सौंपने, कश्मीर में वर्षों तक नरसंहार होने देने, लाखों घुसपैठियों को बसाकर वोट बैंक बनाने और राम मंदिर व क्रांतिकारियों का अपमान करने वाली कांग्रेस आज संघ को राष्ट्रविरोधी बताने का दुस्साहस कर रही है। देश अब कांग्रेस के चरित्र को भली-भांति पहचान चुका है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस के पाप का घड़ा भर चुका है और देश में उसका सफाया तय है। बिहार की करारी हार के बाद हिमाचल की कांग्रेस सरकार बौखलाहट में अब खुद सड़कों पर उतरकर नारेबाज़ी कर रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश सरकार के पतन और दिशा खो देने का स्पष्ट संकेत है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा