कमला नेहरू अस्पताल स्थानांतरण के विरोध में महिलाओं का प्रदर्शन

 




शिमला, 13 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी शिमला में कमला नेहरू अस्पताल की सेवाओं के प्रस्तावित स्थानांतरण के खिलाफ अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के नेतृत्व में सोमवार को महिलाओं ने अस्पताल परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शिमला शहर और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया। इसके साथ ही मजदूरों, युवाओं, छात्रों और छोटे कारोबारियों सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने भी इस विरोध में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल की सेवाओं को स्थानांतरित करने के फैसले को महिलाओं के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान महिला समिति के प्रतिनिधियों ने कमला नेहरू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा, जिसकी एक प्रति मुख्यमंत्री को भेजने की भी बात कही गई है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अस्पताल से संबंधित फैसले के बीच स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी छुट्टी पर हैं, जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए समिति की राज्य सचिव फालमा चौहान ने कहा कि कमला नेहरू अस्पताल लगभग 102 वर्ष पुराना राज्य का एकमात्र मातृ एवं शिशु अस्पताल है, जहां लंबे समय से महिलाओं से संबंधित बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार गायनी ओपीडी को आईजीएमसी स्थानांतरित करने की योजना बना रही है, जबकि आईजीएमसी में पहले से ही सुविधाओं की कमी है।

उनका कहना था कि वर्तमान अस्पताल में महिलाओं को एक ही छत के नीचे बेहतर और निजी वातावरण में इलाज की सुविधा मिलती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इसी स्थान पर नया आधुनिक भवन बनाया जाए और सेवाओं को यहीं जारी रखा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फैसला वापस नहीं लिया गया तो समिति अन्य संगठनों और आम लोगों के साथ मिलकर विरोध जारी रखेगी।

समिति की राज्य अध्यक्ष रंजना जरेट ने कहा कि महिलाओं को लंबे समय से मिल रही सुविधाएं उनसे छीनी जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल की जगह पर विधायकों के आवास बनाने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रसव जैसी स्थिति में महिलाओं को तुरंत इलाज की जरूरत होती है और ऐसे समय में अस्पताल का स्थान बदलना गंभीर परेशानी पैदा कर सकता है। उन्होंने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।

जिला सचिव सोनिया शुबरवाल ने कहा कि सरकार को आधुनिक सुविधाओं के साथ नया भवन बनाना चाहिए और महिलाओं को आईवीएफ जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करानी चाहिए, क्योंकि इसके लिए कई महिलाओं को निजी अस्पतालों में अधिक खर्च करना पड़ता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा