प्राथमिक शिक्षकों ने गांधीगीरी के जरिए उठाईं मांगें, अब काले बिल्ले लगाकर करेंगे काम

 


शिमला, 02 अक्टूबर (हि.स.)। महात्मा गांधी जयंती पर राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हिमाचल प्रदेश ने शुक्रवार को गांधीगीरी के जरिए अपनी मांगें उठाईं। न्यू कॉम्पलेक्स सिस्टम के खिलाफ प्रदेशभर से शिमला पहुंचे शिक्षक पदाधिकारियों, जिला और खंड कार्यकारिणियों के सदस्यों तथा महिला विंग के पदाधिकारियों ने चौड़ा मैदान में एक दिवसीय सत्याग्रह और उपवास किया। शाम को शिक्षकों ने कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। संघ ने आंदोलन के अगले चरण के तहत प्रदेश के सभी शिक्षकों और एमडीएम वर्करों से काले बिल्ले लगाकर कार्य करने का आह्वान किया है।

संघ के प्रदेशाध्यक्ष रमेश शर्मा और राज्य कार्यकारिणी के सदस्यों ने सुबह करीब 10 बजे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद चौड़ा मैदान में सत्याग्रह और उपवास किया गया। इस दौरान शिक्षकों ने न्यू कॉम्पलेक्स सिस्टम से संबंधित अपनी मांगों को लेकर सरकार के प्रति रोष जताया। संघ ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन को गांधीवादी तरीके से जारी रखा जाएगा।

शाम को चौड़ा मैदान से कैंडल मार्च निकाला गया। संघ ने कहा कि आंदोलन को अब अगले चरण में ले जाया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश के शिक्षक और एमडीएम वर्कर काले बिल्ले लगाकर कार्य करेंगे। संघ के अनुसार यह अभियान मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा।

संघ ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले प्रदेश के सभी 68 विधायकों को मांग-पत्र सौंपने का निर्णय लिया है। शीतकालीन सत्र के दौरान धर्मशाला में विशाल धरना-प्रदर्शन करने की भी घोषणा की गई है। प्रदेशाध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा कि जब तक शिक्षकों की मांगें पूरी नहीं होतीं, संघर्ष पूरी एकजुटता, अनुशासन और गांधीवादी तरीके से जारी रहेगा।

संघ के अनुसार न्यू कॉम्पलेक्स सिस्टम के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत 11 जुलाई 2026 को पैदल न्याय यात्रा के माध्यम से शिमला पहुंचने से हुई थी। इसके बाद 26 जुलाई को चौड़ा मैदान में विशाल धरना दिया गया और क्रमिक अनशन शुरू किया गया। संघ का कहना है कि गांधी जयंती पर उसी स्थान पर सत्याग्रह और उपवास के माध्यम से सरकार से पूर्व में की गई घोषणा को जल्द लागू करने की मांग दोहराई गई।

संघ ने कहा कि आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक वे शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा