70 फीसदी सप्लीमेंट्री बजट सूक्खु सरकार की वित्तीय नाकामी का सबूत : जयराम ठाकुर

 




शिमला, 19 मार्च (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार के अनुपूरक (सप्लीमेंट्री) बजट को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने गुरूवार को कहा कि यह बजट सरकार के वित्तीय प्रबंधन, अनुशासन और दूरदर्शिता की पोल खोलता है और यह साफ दिखाता है कि सरकार अपनी आर्थिक योजना बनाने में विफल रही है।

शिमला स्थित अपने विधानसभा कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अक्सर ‘फिस्कल प्रुडेंस, फिस्कल मैनेजमेंट और फिस्कल डिसिप्लिन’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह सप्लीमेंट्री बजट इन सभी दावों के उलट तस्वीर पेश करता है। उन्होंने कहा कि बजट का मूल उद्देश्य वास्तविक और संतुलित अनुमान लगाना होता है, लेकिन यहां अनुमान पूरी तरह गलत साबित हुए हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि बजट में करीब 70 प्रतिशत अतिरिक्त खर्च दिखाया गया है, जो यह बताता है कि सरकार को अपने ही बनाए आंकड़ों पर भरोसा नहीं था। उनके मुताबिक यह स्थिति इस बात का संकेत है कि सरकार बिना ठोस योजना के खर्च कर रही है और वित्तीय अनुशासन पूरी तरह से खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा अनुपूरक बजट अपने आप में सरकार की आर्थिक नाकामी का प्रमाण पत्र है।

जयराम ठाकुर ने आगे कहा कि राज्य में न तो फिस्कल मैनेजमेंट नजर आता है और न ही फिस्कल डिसिप्लिन। उन्होंने कहा कि प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन की बात की गई थी, लेकिन जमीन पर सिर्फ अव्यवस्था दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास खर्च को नियंत्रित करने की कोई स्पष्ट योजना नहीं है और बिना प्राथमिकता तय किए पैसे खर्च किए जा रहे हैं।

विकास कार्यों को लेकर भी नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले साल का कैपिटल एक्सपेंडिचर 3941 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 37 प्रतिशत कम है और कुल बजट का सिर्फ 3.98 प्रतिशत है। उन्होंने इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि इससे साफ है कि प्रदेश में विकास कार्यों की गति धीमी पड़ गई है। उन्होंने सवाल किया कि जब कुल बजट लगभग 98 हजार 975 करोड़ रुपये का है, तो बाकी धनराशि आखिर कहां खर्च हो रही है।

जयराम ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने इस बार सप्लीमेंट्री बजट से जुड़े पूरे दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए। उन्होंने कहा कि संभवतः सरकार को अपनी कमियों का एहसास है, इसलिए वह पूरी जानकारी सामने नहीं ला रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा