कांग्रेस सरकार से मंडी की उपेक्षा का बदला ले जनता : जयराम ठाकुर

 


मंडी, 11 मई (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंडी नगर निगम चुनाव में प्रचार अभियान को नई धार देते हुए पांच नुक्कड़ जनसभाओं के माध्यम से भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में वोट की अपील की। इस दौरान उन्होंने पड्डल, नेला, तलयाहड़, भगवाहन तथा मंगवाई में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि झूठी गारंटी के सहारे सत्ता में आकर आपको धोखा देने वाली इस सरकार से बदला लेने का मौका आ गया है।

उन्होंने कहा कि साढ़े तीन साल का कार्यकाल बीत जाने के बाद भी व्यवस्था परिवर्तन का दावा करने वाली यह सरकार मंडी की जनता की निरंतर उपेक्षा कर रही है और विकास कार्यों को गति देने के बजाय भाजपा सरकार द्वारा आवंटित 15 करोड़ रुपए के बजट को वापस लेकर अन्यत्र खर्च कर दिया गया, जिससे स्पष्ट होता है कि इस सरकार की प्राथमिकता में विकास नहीं बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध है। शहरी विकास मंत्री केंद्र से अनुमोदित प्रोजेक्ट को अपनी उपलब्धि बताकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि साढ़े तीन साल आपको मंडी की याद नहीं आई और जब चुनाव आए तो 180 करोड़ बजट प्रावधान का शगूफा छोड़कर आप जनता को भ्रमित कर रहे हैं।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि आज नगर निगम स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है और विकास कार्यों के लिए धन का अभाव बना हुआ है। जिसके कारण आम जनता को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जनता को याद दिलाया कि मंडी में वर्तमान में जो भी विकास दिख रहा है, वह केंद्र सरकार द्वारा जारी बजट का ही परिणाम है और राज्य की प्रगति के लिए केंद्र के साथ चलना अनिवार्य है, ताकि भविष्य में जब हिमाचल में भाजपा की सरकार बने तो डबल इंजन की शक्ति से विकास की रफ्तार को दोगुना किया जा सके।

कांग्रेस सरकार को एक साल की मेहमान बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में विदाई की शहनाई बज चुकी है और देश के 22 राज्यों की तरह हिमाचल में भी जल्द ही भाजपा की वापसी होगी क्योंकि जनता कांग्रेस की झूठी गारंटियों की असलियत पहचान चुकी है और इन नगर निगम चुनावों से ही कांग्रेस को सत्ता से उखाड़ फेंकने का शंखनाद होगा।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश को तीन दशक पीछे धकेल दिया गया है और जहां एक ओर जनता के लिए खजाना खाली होने का रोना रोया जाता है, वहीं दूसरी ओर 'मित्रों' को लाभ पहुंचाने के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं है, इसलिए मुख्यमंत्री को केंद्रीय बजट के खर्च पर 'श्वेत पत्र' जारी करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से मंडी शिवधाम प्रोजेक्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा प्रस्तावित 250 करोड़ के भव्य प्रोजेक्ट के बजट को मुख्यमंत्री अपने विधानसभा क्षेत्र नादौन ले गए और इस महत्वाकांक्षी परियोजना का स्वरूप छोटा कर इसे बर्बाद कर दिया, जबकि हमारी योजना इसे मनाली जाने वाले पर्यटकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बनाने और यहां के 81 ऐतिहासिक मंदिरों से जोड़कर पर्यटन को बढ़ावा देने की थी। शहर के सौंदर्यीकरण, पार्किंग सुविधाओं और आधुनिक सुविधाओं की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने मंडी को एक आदर्श नगर निगम बनाने का संकल्प लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा