जिस हिम केयर ने लाखों लोगों को जिंदगी दी, उसी की जिंदगी लेना चाहती है सरकार: जयराम ठाकुर

 


मंडी, 03 अप्रैल (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नवनिर्मित रथों की प्राण प्रतिष्ठा में शीश नवाया

पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सराज विधानसभा क्षेत्र के शंकर देहरा में आयोजित कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि गरीबी से बड़ा कोई दुख नहीं होता और गरीबी से लड़ना, लोगों में हिम्मत देना ही सरकारों का काम होता है। बहुत से लोग अपनी गरीबी के कारण इलाज नहीं करवा पाते थे, क्योंकि वे जानते थे कि इलाज महंगा है, इलाज के चक्कर में पड़े तो परिवार पर आर्थिक संकट आ जाएगा, इसलिए बहुत से लोग अपनी बीमारी को भगवान के भरोसे छोड़ देते थे। ऐसे लाखों लोगों का जीवन बचाने के लिए हमने हिम केयर योजना की शुरुआत की।

उन्होंने कहा कि 11 लाख से ज्यादा लोगों का अब तक इलाज इस योजना से हुआ है। लाखों लोगों को इस योजना ने जीवन दिया है। लोग सिर्फ कार्ड लेकर आते थे और पूरे अधिकार के साथ आत्मसम्मान के साथ अपना इलाज करवाते थे और स्वस्थ होकर घर जाते थे। हिम केयर ने लाखों लोगों को जीवन दिया। आज व्यवस्था परिवर्तन वाली सुख की सरकार हिम केयर का जीवन लेने पर उतारू है। उससे भी दुख की बात है कि सरकार ब्लैकमेलिंग पर उतर आई है और तमाम तरीके की साजिशें करके वह हिम केयर को बदनाम कर रही है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि पूरे प्रदेश ने देखा कि किस तरीके से व्यवस्था परिवर्तन वाली सुख की सरकार ने वृद्धा पेंशन पा रहे, दिव्यांग पेंशन पा रहे, सहारा पेंशन पा रहे लोगों की पेंशन रोकी। किसी न किसी बहाने से लोगों के नाम काटे जा रहे हैं। सबसे हैरानी की बात तो यह है कि जब सरकार ने संवेदनहीनता दिखाते हुए सहारा पेंशन पा रहे लोगों को मृत घोषित कर पेंशन रोक दी। अभी तक कुछ ही मामले सामने आए हैं, लेकिन ऐसे लोगों की संख्या हजारों में है, जिनकी किसी न किसी बहाने सामाजिक सुरक्षा की पेंशन बंद कर दी गई है। हम सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से इन लोगों की जानकारी एकत्र करेंगे और सरकार की इस साज़िश को बेनकाब करेंगे।

हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और देव परंपराओं का अनूठा संगम शुक्रवार को सराज विधानसभा क्षेत्र के शंकर देहरा स्थित नारठी में देखने को मिला।

जयराम ठाकुर ने देव विष्णु मतलोड़ा जी और देवी दुलासन जी के नवनिर्मित रथों की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शिरकत कर शीश नवाया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति व खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हिमाचल की पहचान उसकी देव संस्कृति और आस्था से है। आधुनिकता के दौर में भी अपनी परंपराओं से जुड़े रहना गर्व की बात है और आने वाली पीढ़ियों को इस विरासत को संजोकर रखना चाहिए। उन्होंने प्रदेश की निरंतर प्रगति और खुशहाली की कामना भी की।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा