प्रदेश कार्य समिति की बैठक में पहली बार मोर्चों के अलावा प्रकोष्ठों के संयोजकों को किया शामिल :रणधीर शर्मा
मंडी, 06 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने कहा कि पार्टी की प्रदेश कार्य समिति की बैठक में पहली बार मोर्चों के अलावा प्रकोष्ठों के संयोजकों को शामिल किया गया है। मंडी में पत्रकारों से बात करते हुए रणधीर शर्मा ने कहा कि मंडी में शुरू हुई है प्रदेश कार्यसमिति की बैठक तीन चरणों में हो रही है। जिसमें प्रथम चरण में पार्टी के 19 प्रकोष्ठों के संयोजकों की एक बैठक हुई ।
उन्होंने बताया कि पार्टी का जनाधार विभिन्न वर्गों में बढ़ाने के उद्देश्य से मोर्चों के अलावा प्रकोष्ठों को कार्यसमिति की बैठक में शामिल किया गया। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह, प्रदेश प्रभारी डॉक्टर श्रीकांत और सह प्रभारी संजय टंडन और नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर उपस्थित रहे। इन प्रकोष्ठों की बैठक में पार्टी का जनाधार इन वर्गों में कैसे बढ़ाया जाए उस पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा दूसरे चरण में मीडिया विभाग के संयोजकों की बैठक में विस्तृत चर्चा हुई ।
बैठक में केंद्र सरकार की नीतियों को जनजन तक पहुंचाने, 2027 के विधानसभा चुनावों में सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का उपयोग कैसे कर सकते हैं उस पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि भाजपा का स्ट्रक्चर, सोशल मीडिया, आईटी सेल बूथ तक खड़ा हो, पार्टी प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी मंडल तक बनें इस सब पर विचार विमर्श किया गया। इस बैठक में विशेष रूप से पार्टी के प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन सोशल मीडिया और आईटी को लेकर पूरे विषय डिटेल से रख रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में सामान्य नेता तो रहेंगे, इसके अलावा राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ भी मंडी पहुंच चुके हैं, वह भी उसे बैठक में रहने वाले हैं। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर भी बैठक में रहने वाले हैं ।
उन्हाेंने बताया कि कार्यसमिति की बैठक में दो प्रमुख प्रस्ताव पारित होंगे। पहला हमारी केंद्र की सरकार की उपलब्धियाें को लेकर प्रस्ताव रखा पारित किया जाएगा। दूसरा प्रस्ताव प्रदेश की राजनीतिक स्थिति और प्रदेश में राजनीतिक स्तर पर क्या चल रहा है और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार की जन विरोधी नीतियां उन सब का जिक्र करते हुए उसे प्रस्ताव को भी कल की बैठक में रखा जाएगा। इस पर चर्चा के बाद आंदोलन की रणनीति भी बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश के इतिहास की सबसे बड़ी जनविरोधी सरकार है। इस सरकार ने इतने जनविरोधी निर्णय लिए हैं आज तक किसी सरकार ने नहीं लिए। दूसरा हमारा मानना है कि वर्तमान हिमाचल सरकार ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को बिगाड़ कर आर्थिक दिवालियापन के कगार पर ला खड़ा किया है।कैग की रिपोर्ट ने हमारे आरोपों को सत्य सिद्ध किया हैं। आपदा का जो फंड केंद्र से आया उसका सुक्खू सरकार ने दुरुपयोग किया है। इसी तरह से जो कर्जा उठाने की बात है इस सरकार ने रिकॉर्ड बनाया है एक लाख अटठारह हजार करोड़ से ज्यादा कर्ज हिमाचल पर है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा