हिमाचल ऑन सेल की नीति पर चल रही सुक्खू सरकार: राकेश जम्वाल
मंडी, 28 जून (हि.स.)। भाजपा विधायक एवं मुख्य प्रवक्ता राकेश जम्वाल ने शिमला के समीप स्थित विश्व प्रसिद्ध वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल को 30 वर्षों की लीज पर देने के प्रदेश सरकार के निर्णय पर गंभीर सवाल उठाया है। उन्होंने सुक्खू सरकार से पूछा कि आखिर ऐसी कौन-सी मजबूरी है कि वर्षों तक कानूनी लड़ाई लड़कर इस प्रतिष्ठित संपत्ति पर सरकार का नियंत्रण स्थापित करने के बाद अब इसे निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है।
जम्वाल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्पष्ट करे कि आखिर किस विशेष व्यक्ति या किस चहेते को लाभ पहुंचाने के लिए यह निर्णय लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब अब इस संपत्ति पर सरकार का पूर्ण नियंत्रण है तो इसे स्वयं संचालित करने के बजाय निजी कंपनी को सौंपने की आवश्यकता क्यों पड़ गई? यदि 30 वर्षों जैसी लंबी अवधि के लिए यह होटल लीज पर चला गया तो भविष्य में किसी भी सरकार को इसे वापस लेने के लिए फिर लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। क्या सरकार ने इस पहलू पर विचार किया है।
राकेश जम्वाल ने कहा कि यदि सरकार राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक होटलों का संचालन भी नहीं कर सकती तो फिर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम का अस्तित्व ही खतरे में है। साथ ही कहा कि इस निगम का औचित्य क्या रह जाता है। क्या निगम केवल सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने का माध्यम बनकर रह जाएगा।
उन्होंने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश में पर्यटन अपने स्वर्णिम दौर से गुजर रहा है। प्रदेश के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। पुलिस प्रशासन के रिकॉर्ड के अनुसार प्रतिदिन हजारों वाहन प्रदेश में प्रवेश कर रहे हैं। होटल, होमस्टे और पर्यटन गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे समय में यदि हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम घाटे से नहीं उबर पा रहा है, तो यह सरकार की कार्यप्रणाली और निगम के प्रबंधन पर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़े करता है। उन्होंने कहा कि सरकार पहले यह बताए कि रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक आने के बावजूद पर्यटन निगम घाटे में क्यों है? क्या इसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी या फिर अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए लाभकारी सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा